मंडल में नौ लाख किसानों को ऋण माफी का इंतजार – KhabarTak

मंडल में नौ लाख किसानों को ऋण माफी का इंतजार

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बरेली।
मंडल के चारो जिलों में नौ लाख किसानों को ऋण माफी का इंतजार है। ऋण माफी के दायरे में केवल लघु एवं सीमांत किसान हैं। दो हेक्टेयर (पांच एकड़) से ज्यादा जोत वाले किसानों को ऋण माफी के दायरे से बाहर रखा गया है। योगी सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग में लघु एवं सीमांत किसानों का 31 मार्च 2017 से पहले लिया गया एक लाख तक का ऋण माफ करने के निर्देश सरकार ने दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कमिश्नर और डीएम से वीडियो कांफ्रेंस के बाद एडीएम स्तर पर मुख्यालय में और तहसील स्तर पर ऋण माफी के दायरे में आने वाले किसानों की समस्या समाधान के लिए भले ही कंट्रोल रूम खोल दिए गए हैं लेकिन बैंकों में अभी ऋण माफी प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।
किसान ऋण मुक्त योजना में राष्ट्रीयकृत और सहकारी बैंकों से एक लाख तक का लोन लेने वाले लघु एवं सीमांत किसानों का लोन माफ किया जाना है। बरेली में अभी 1.48 लाख लघु एवं सीमांत किसान चिह्नित किए गए हैं। बाकी किसान शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं के हैं। हालांकि ऋण माफी के दायरे में आने वाले किसानों की यह संख्या अंतिम नहीं है। प्रारंभिक तौर पर लघु एवं सीमांत किसानों का जोतबही और आधार कार्ड से मिलान कर दोबारा सर्वे कराया जाएगा। उसमें जो संख्या निकलकर आएगी, उन किसानों का ही ऋण माफ होगा। बैंकों ने अभी ऋण माफी प्रक्रिया शुरू नहीं की है लेकिन किसानों से जोतबही और आधार कार्ड जमा करने को कहा गया है। जिन किसानों के आधार कार्ड नहीं बने हैं, उनके आधार कार्ड जिला मुख्यालय से प्राथमिकता के आधार पर बनवाए जाएंगे।
क्या है किसान ऋण मुक्त योजना
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से ‘किसान ऋण मुक्त योजना’ (जिसे किसान ऋण माफी योजना भी कहते हैं) उन लघु एवं सीमांत किसानों के लिए शुरू की गई जिनके पास एक से दो हेक्टेयर जमीन है। एक हेक्टेयर (2.5 एकड़ ) जमीन की जोत वाले किसान लघु और दो हेक्टेयर जमीन (2.5 से पांच एकड़) जोत वाले किसान को लघु सीमांत किसान माना जाएगा।

किसानों की ऋण माफी को लेकर शासन में बैंकों की मीटिंग बुलाई गई थी। उसमें बैंकों से 22 जुलाई तक ऋण माफी के दायरे में आने वाले किसानों का डाटा हर हाल में अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए बैंक रात दिन काम में जुटे हुए हैं। जिन किसानों के आधार कार्ड नंबर बैंकों में पहुंच चुके हैं, उनका लोन प्रथम चरण में माफ होगा। आधार नंबर नहीं रखने वाले किसानों की लोन माफी तृतीय चरण में हो पाएगी। अगर कोई पात्र किसान ऋण माफी में रह जाता है तो डिस्ट्रिक लेबिल कमेटी उसकी जांच कर लोन माफी की संस्तुति करेगी। उसको पूरी पॉवर दी गई है। ओपी बढ़ेरा, लीड बैंक मैनेजर
 

Via Amar Ujala

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