इस सरकारी अस्पताल तक आते-आते दम तोड़ देती हैं स्वास्थ्य सेवाएं – KhabarTak

इस सरकारी अस्पताल तक आते-आते दम तोड़ देती हैं स्वास्थ्य सेवाएं

शासन एक ओर समुचित स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की बात करता है, वहीं
दूसरी ओर शासकीय अस्पतालों में पर्याप्त कर्मचारी की नियुक्ति करने की ओर
ध्यान नहीं दे रहे हैं।

बालोद/करहीभदर. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र करहीभदर में स्टॉफ की कमी लंबे समय से बनी हुई है। स्टॉफ नहीं होने से मरीज के साथ डॉक्टरों व कर्मचारियों को कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। लगभग 20 से 25 किमी दूर के ग्रामीण इसी अस्पताल पर निर्भर होने के कारण रेफर सेंटर बन कर रह गया है। इसलिए खासकर महिलाओं को स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

शासन एक ओर समुचित स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर शासकीय अस्पतालों में पर्याप्त कर्मचारी की नियुक्ति करने की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण भी मरीजों का समय रहते सही उपचार नहीं हो पाता है।

नियुक्ति नहीं हुई

बड़ा ग्राम होने के बाद भी करहीभदर अस्पताल में पर्याप्त सुविधाओं का लाभ समझ से परे है, जबकि यहां आएदिन प्रसव के लिए गर्भवती महिलाएं पहुंचती रहती हैं। डॉक्टर तुलसी साहू ने बताया करहीभदर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में ड्रेसर, स्वीपर व आया का पद रिक्त है। इसकी नियुक्ति नहीं होने से दूसरे कर्मचारियों को इनका काम करना पड़ता है।

दूसरे जगह हैं अटैच

यहां पर दो डॉक्टर (आरएमए) की नियुक्ति है, जिसमें से एक डॉक्टर एनके साहू को अटैच में जगन्नाथपुर सांकरा भेज दिया गया है। वर्तमान में यहां पर आरएमए डॉक्टर तुलसी साहू पदस्थ हैं। एक डॉक्टर होने के कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिस दिन वे भी छुट्टी पर या किसी शासकीय काम से बाहर चले जाते हैं उस दौरान दूर-दराज से आए मरीज की पीड़ा और बढ़ जाती है।

मिली जानकारी के अनुसार यहां पर गुरुर ब्लॉक के ग्रामीण भी अपना उपचार कराने पहुंचते हैं। करहीभदर से 20-25 किमी दूर मंगचुवा के आसपास ग्राम के मरीज भी यहां पर डिलिवरी या फिर जच्चा-बच्चा के

इलाज के लिए पहुंचते हैं।

प्रतिदिन मरीज पहुंचते हैं इलाज के लिए

इतने बड़े क्षेत्र के लोगों के इस अस्पताल में आने के बावजूद करहीभदर स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर व अन्य स्टॉफ की कमी बनी हुई है। आरएएम, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र करहीभदर तुलसी साहू ने बताया कि प्रतिदिन मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। यहां पर दूरस्थ ग्रामों से भी उपचार कराने के लिए पहुंचने के कारण मरीजों की भीड़ लगी रहती है। स्टॉफ की कमी है फिर भी हम अपना दायित्व पूरी तरह निभा रहे हैं।

Via Patrika

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