उत्तराखंड में कुदरत का कोहरामः भारी बारिश से ऋषिकेश से ऊपर बुरा हाल, डरा रही अलकनंदा, रेड अलर्ट

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Dehradun: उत्तराखंड में भारी बारिश से खासकर चारधाम यात्रा मार्ग पर बुरा हाल है. कई जगह सड़कें कटने से सैकड़ों यात्री घंटों सड़कों पर ही फंसे रहे. इसको देखते हुए चारधामा यात्रा स्थगित कर दी गई है. प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से उत्तरकाशी और चमोली में कई गांवों को जोड़ने वाली सड़कें बह गई हैं. चारधाम रूट भी लैंड स्लाइड से शनिवार को घंटों बंद रहा.

केदारनाथ नेशनल हाइवे 20 घंटे तो बद्रीनाथ नैशनल हाइवे पर 9 घंटे तक गाड़ियां नहीं गुजर पाईं. उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा. बारिश के कारण अलकनंदा, मंदाकिनी, पिंडर समेत सभी नदियां उफान पर हैं. अलकनंदा का रौद्र रूप से डरा रहा है. जोशीमठ में संगम घाट तक अलकनंदा का पानी पहुंच रहा है.

कुमाऊं डीएम ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए और मौसम विभाग की चेतावनी के बाद कई जिलों में सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 2 दिनों की छुट्टियां घोषित की है.कुमांऊ में करीब 92 सड़कें बंद हैं. काली, गोरी और सरयू नदी उफान पर हैं. उत्तरकाशी में लगातार हो रही बारिश मुसीबत बन गई है. बारिश के कारण सड़कों पर मलबा जमा हो रहा और भूस्खलन की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. मोरी में बारिश से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. मोरी तहसील में भारी बारिश के कारण त्यूनी- पुरोला-नौगांव मोटर मार्ग खरसाडी के पास बंद हो गया है. पुरोला-मोरी रोड पर खरसाडी के पास नाले में उफान के चलते एक कार बह गई. रामनगररानीखेत मार्ग पर मोहान में पनियाली नाले में सैलाब आने से अंग्रेजों के जमाने का पुल बह गया. रामनगर और रानीखेत को जोड़ने वाले इस पुल के बहने से करीब 1 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं.

आदि कैलाशकी यात्रा पर गए यात्री भीबारिश और भूस्खलन में फंसे गए. 23 यात्रियों को रेस्क्यू कर धारचूला लाया गया है. भारी बारिश का असर बद्रीनाथ हाइवे पर भी पड़ा है. कंचनगंगा, पिनोला-गोविंदघाट, पागलनाला, भनेरपानी, छिनका, पीपलकोटी रास्ते बंद हो गए हैं. बद्रीनाथ में अलकनंदा नदी ने रोद्र रूप ले लिया है और खतरे के निशान के ऊपर बह रही है. इसी तरह से मंदाकिनी नदी भी उफान पर है. पानी के बढ़ते जलस्तर के चलते रुद्रप्रयाग में नदी किनारे के घरों को खाली करवाया गया. लाउडस्पीकर से अनाउसमेंट की जा रही है और लोगों को नदियों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है. केदारनाथ और बद्रीनाथ हाईवे पर लैंडस्लाइड के साथ पत्थर गिरने से यातायात पर असर पड़ा है. ऋषिकेशबद्रीनाथ हाइवे पर बछेलीखाल में सबसे बुरी स्थिति रही. बार-बार लैंड स्लाइड से कई बार रास्ता बंद हुआ है. बद्रीनाथ हाइवे पर गौचर के पास लैंड स्लाइड से कई घंटे रास्ता बंद रहा. जिससे लोगों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ा.

केदारनाथबद्रीनाथ के साथ गंगोत्री नेशनल हाइवे पर भी बारिश से भारी नुकसान हुआ है. मध्यमहेश्वर में सरस्वती नहीं उफान पर है. वहीं बनतोली का लकड़ी का पुल पानी में डूबा गया. चमोली में भारी बारिश से गांवों को जोड़ने वाले कई ब्रांच रोड टूट गए हैं. 60 से अधिक गांव सड़क से कट गए हैं. उत्तरकाशी में हेल्गू गाड़ और डाबरकोट में भूस्खलन से कई घंटे रास्ता बंद रहे. जिससे लंबा जाम लग गया. भूस्खलन के चलते पुरोला-मोरी मार्ग, डाबरकोट और हेल्गू गाड़ मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है. कोटद्वा में मूसलाधार बारिश से मालन नदी पर बना तल्ला मोटाढाक-हल्दूखाता मार्ग बहा गया. कोटद्वार और दुगड्डा के बीच लैंडस्लाइड से  नजीबाबाद-बुआखाल नेशनल हाइवे भी बंद रहा.

पूर्णागिरी मंदिर के पास चट्टान खिसकने से रोड बंद हो गया. वहीं अल्मोड़ाहल्द्वानी हाइवे पर क्वारब और भीमताया में सड़क पर लगातार पत्थर गिरने से इस रूट को डायवर्ट कर दिया गया है. मौसम विभाग ने सभी को सतर्क रहने की अपील की है और लोगों को पहाड़ पर आवागमन न करने की सलाह भी दी गई है. प्रशासन ने लोगों की मदद के लिए इमरजेंस नंबर भी जारी किए हैं, जो कि इस प्रकार हैं- उत्तरकाशी में इमर्जेंसी नंबरः 01374-222722, 1077-222126, 7500337269, 7310913129. भटवाड़ी, जोशियाड़ा कंट्रोल रूम नंबरः 8171724257, 9105886679, डुंडा, धौंतरी कंट्रोल रूम नंबरः 7895734674,  7534983612.

 

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