चंपाई सोरेन सरकार बनेगी हेमंत सोरेन पार्ट-2 तो भाजपा करती रहेगी विरोध: भानु प्रताप शाही

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Ranchi: भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार की शाम प्रदेश अध्यक्ष एवम पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में विधायक दल की बैठक संपन्न हुई. बैठक में नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी एवं सीपी सिंह, बिरंची नारायण, रामचंद्र चंद्रवंशी, जेपी पटेल, राज सिन्हा, मनीष जायसवाल, अमित मंडल, केदार हाजरा, अनंत ओझा, अपर्णा सेन गुप्ता, पुष्पा देवी, किशुन दास, केदार हाजरा, समरी लाल, कोचे मुंडा,भानु प्रताप शाही, आलोक चौरसिया, नारायण दास उपस्थित थे.

बैठक के बाद मीडिया ब्रीफिंग करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष एवम विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि चंपई सोरेन सरकार कल विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लाएगी लेकिन मुख्यमंत्री के बयान से यह नही लगता कि यह सरकार जनहित केलिए बनी है. मुख्यमंत्री चंपई  सोरेन  ने अपने शपथ के बाद  स्वयं कहा है कि वे हेमंत सरकार के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे. इसलिए स्पष्ट है कि चंपाई सरकार हेमंत सरकार पार्ट2है.

उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने जैसे भ्रष्टाचार ,खान खनिज की लूट,महिला उत्पीड़न,युवाओं के खिलाफ निर्णय,बेरोजगारों को धोखा,किसानों को धोखा दिया यह सरकार उसी को आगे बढ़ाएगी. ऐसे हालात में भाजपा फिर इस सरकार के कारनामों का भी प्रबल विरोध करेगी. सदन में पार्टी विश्वास प्रस्ताव के विरोध में रहेगी.

उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन आदिवासी होने का रोना रोते हैं. उन्हे याद करना चाहिए कि कांग्रेस के दुत्कार के बाद भाजपा ने ही उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाया था. राज्य गठन से लेकर भाजपा सरकार ने बार बार आदिवासी समाज  के कल्याण में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. कहा कि राज्य का प्रथम मुख्यमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने आदिवासी समाज से आनेवाले नेता बाबूलाल मरांडी को बनाया. केंद्र में आदिवासी मंत्रालय बनाए.आज देश की सर्वोच्च पद पर आसीन महामहिम राष्ट्रपति आदिवासी समाज से आने वाली महिला हैं. हेमंत सोरेन जब भ्रष्टाचार में पकड़े गए तो आदिवासी का रोना रोने लगते हैं. लेकिन अब रोना धोना नही चलने वाला.राज्य की जनता इनके कारनामों को जान चुकी है.

हेमंत सोरेन ने स्वयं अपने से संवैधानिक संकट पैदा करने की कोशिश की. फरार होकर रांची में प्रकट होते ही 400 से अधिक ट्रांसफर किए. गिरफ्तार की सूचना दिए जाने के बाद ईडी को बिना बताए राजभवन चले गए. भाजपा ने कभी भी अस्थिरता की बात नहीं की.भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद किया और करते रहेंगे. सत्ताधारी ठगबंधन अंतर कलह से घिरा है.विधायकों को करोड़ों रुपया देकर हैदरबाद ले जाया गया. इसलिए 10 महीने के बचे कार्यकाल को यह सरकार कितना पूरा करेगी यह भविष्य बताएगा.

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