झारखंड विधानसभा: दीपिका पांडेय ने सांसद निशिकांत दुबे पर बोला हमला, कहा- लगातार षडयंत्र रच रहे

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Ranchi : झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय ने सांसद निशिकांत दुबे को निशाने पर लिया. राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि जिस दिन से यह सरकार राज्य में बनी है, निशिकांत दुबे लगातार षडयंत्र रच रहे. सोमवार को जो सदन में हुआ, उसे पूरे देश ने देखा. संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति ने असंवैधानिक कृत्य किया. सरकार की उपलब्धियों को बताने के दौरान कटाक्ष करते हुए अभिभाषण दिया था. किसी राज्यपाल के द्वारा ऐसा नहीं किया गया होगा. कल फ्लोर टेस्ट के दौरान विपक्ष की नजरें झुकी थीं. अपने मुंह पर खुद ही थूका है. निशिकांत दुबे के इशारे पर हेमंत सरकार के खिलाफ जांच करने का खेल हुआ. इसका नतीजा जो हुआ, उसे कल इस सदन ने देखा. निशिकांत के रवैये को लेकर खुद भाजपा विधायक रणधीर सिंह ने सदन के बाहर आपत्ति भी जतायी थी. इसी दौरान दीपिका ने आदिवासी लीडर, महिलाओं को लेकर कुछ कहा जिस पर एनडीए विधायकों ने आपत्ति जतायी. वे वेल में आ गये.

इसके पूर्व अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के समर्थन में कहा कि सरकार किसी की भी हो, संवैधानिक प्रक्रिया को किस तरह से पूरा करते हैं, यह देखना होगा. अभिभाषण में सरकार की योजनाओं, कार्यों को अभिभाषण के जरिये प्रकट किया जाता है. यह देखने को हम मजबूर हैं कि राज्य किस दौर से गुजर रहा है.

आज हेमंत सोरेन को बहुमत का अभाव नहीं था. पर बदलाव आया. निश्चित रूप से शिबू सोरेन, हेमंत के प्रति व्यक्तिगत द्वेष से ऐसा किया गया है. ठेस पहुंचाया गया है. ना बहुमत, ना संकट था जो इस तरह का परिवर्तन लाया गया. पूर्व से संपन्न लोग नहीं चाहते कि नीचे से लोग ऊपर उठें. निश्चित रूप से यह सब व्यक्तिगत द्वेष से इस सरकार (हेमंत सोरेन) को गिराया गया. हमारी प्रतिष्ठा को कुचलने का प्रयास किया गया.

एक शब्द को स्पंज करने को कहा

महिलाओं पर दीपिका पांडेय के एक शब्द को लेकर अमर कुमार बाउरी ने स्पीकर से इसे स्पंज करने को कहा. साथ ही कहा कि किसी भारतीय नारी के ऐसे शब्द नहीं हो सकते. सामंतवादी सोच के लोग कांग्रेसी ऐसी ही भाषा का प्रयोग करते रहे हैं. जिन कांग्रेसियों ने कभी बाबा साहेब को मान नहीं दिया, वे अब उनका नाम ले रहे हैं.

विपक्ष ने जनादेश के हरण का प्रयास कियाः सुदिव्य

अभिभाषण पर धन्यवाद के समर्थन में झामुमो विधायक सुदिव्य सोनू ने कहा कि विपक्षी लोगों ने राज्य में जनादेश के हरण का कुत्सित प्रयास किया. इसमें राजभवन भी शामिल हुआ तो ऐसे में उसे भी विरोध का सामना करना होगा. यह लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं. राजभवन की भूमिका दूसरे लोग ना समझाएं. उसने अपने मूल्यों को तार तार किया है. झामुमो, कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाने वाले भाजपाई बताएं कि अमित मंडल, जेपी पटेल, अपर्णा सेन गुप्ता, भानु प्रताप शाही जैसे नेता कहां से, किस परिवार से हैं. झामुमो संघर्ष वाली पार्टी रही है, भाजपा में बाबूलाल, अमर बाउरी आयातित नेता हैं. हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ भाजपा ने जो साजिश की, उसका असर आने वाले विधानसभा चुनाव में दिखेगा.

बिरसा मुंडा के गांव नहीं गये राहुल, झलकती है भावनाः नीलकंठ

भाजपा के नीलकंठ सिंह मुंडा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि कांग्रेस के राहुल गांधी भगवान बिरसा मुंडा के गांव उलिहातू नहीं गये. वे वहां जानेवाले थे. इससे आदिवासी समाज के प्रति उनकी भावना दिखती है. धन्यवाद प्रस्ताव के विरोध में भाजपा के बिरंची नारायण ने भी बात रखी. कहा कि चंपाई सोरेन सरकार हेमंत सरकार पार्ट-2 ना बने. बालू, पत्थर, जमीन की लूट में कहीं उसे जेल की सलाखों के पीछे ना जाना पडे. साइकिल पर कोयला लाद कर चलने वालों संग दिखे. ये कोयले की ढुलाई करते हैं, चोरी करते हैं. राहुल गांधी ने इसे बढ़ावा दिया है. अगर चंपाई सोरेन सरकार में हिम्मत है तो राहुल के खिलाफ एफआइआर करे. राज्य सरकार में नियुक्तियां नहीं निकल रही हैं, चार साल बाद निकलती भी हैं तो पेपर लीक हो जाता है. जब दूध की रखवाली का जिम्मा बिल्ली को मिले तो भगवान ही मालिक. सरकार में हिम्मत है तो इसकी सीबीआइ जांच हो. इस राज्य में जांच के आधार पर पूजा सिंघल (आइएएस) कानून की गिरफ्त में आयी. पर ईडी के कहने के बावजूद उन पर एफआइआर नहीं हुआ. साहेबगंज डीसी रामनिवास यादव के यहां से गोली, कैश पैसे मिले पर उन पर एफआइआर नहीं हुआ. यह सरकार भी बालू पत्थर की चोरी की राह पर चल रही है. हेमंत सोरेन ने सदन में कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ. उन्हें जेल भेजा गया. सबूत पर झारखंड छोड़ देने की बात कही. वे बताएं कि पंकज मिश्रा कोन हैं. ये लोग झारखंड को लूटते रहे और यहां के आदिवासियों को बेवकूफ समझते रहे. आदिवासियों को बहला फुसला कर धर्म परिवर्तित किया जा रहा है. आदिवासियों की डेमोग्राफी कई जगहों में बदल गयी है. टुकड़े टुकड़े में बांटा जा रहा है.

राज्यपाल तानाशाहः इरफान

इरफान अंसारी ने सदन में राज्यपाल को तानाशाह बताते हुए कहा कि हमें दक्षिण के राज्य, वहां की कला संस्कृति, रहन सहन पसंद आता है पर राज्यपाल को यहां के आदिवासी नहीं सुहाते. उन्होंने यहां की सरकार को कुचलने का प्रयास किया. वास्तव में राजभवन को भाजपा कार्यालय के द्वारा चलाया जा रहा है. इसी दौरान अमर बाउरी ने स्पीकर से तानाशाही शब्द को स्पंज करने की अपील की. राज्यपाल को कस्टोडियन बताते हुए सदन से उनके लिए सम्मान दिखाने की अपील भी की.

40 घंटे का इंतजार क्यों कियाः मिथिलेश ठाकुर

शोर शराबे के बीच विधायक मिथिलेश ठाकुर ने राजभवन से जवाब मांगते हुए कहा कि जब 31 जनवरी को ही राजभवन को बहुमत होने की जानकारी दी तब आखिर 40 घंटे तक इंतजार उन्होंने क्यों किया.   बिहार में 4 घंटे के भीतर नीतीश सरकार को शपथ दिला दी गयी, पर यहां 40 घंटे लिये गये. भाजपा वाले पिछले दरवाजे से लोकतंत्र की हत्या में लगे हैं.

राज्यपाल का अभिभाषण झूठ का पुलिंदाः लंबोदर

आजसू पार्टी विधायक लंबोदर महतो ने राज्यपाल के अभिभाषण को झूठ का पुलिंदा बताया. साथ ही कहा कि अभिभाषण के दौरान सत्ता पक्ष के शोरगुल को उन्होंने समझा. वास्तव में ये नहीं चाहते थे कि सरकार की पोल खुले. चंपाई सोरेन भी टाईगर के रूप में विख्यात हैं. अगर वे खुद को पार्ट- 2 बता रहे हैं तो उन्हें चाहिए कि 1932 खतियान आधारित नीति, ओबीसी आरक्षण, जातीय गणना जैसे काम को पूरा करायें.

विधायक प्रदीप यादव ने आजादी के दौरान भाजपाई लोगों के योगदान पर सवाल पूछते हुए कहा कि ये तानाशाह लोग हैं. आजादी और उसके बाद संविधान के कारण ही आज यहां आदिवासी, ओबीसी, दलित वर्ग के लोग दिख रहे हैं. इनका (भाजपा) वश चलता तो यह देश मनुस्मृति से चलता.

विनोद सिंह, दीपक बिरूआ सहित सत्ता पक्ष के अन्य विधायकों ने भी हेमंत सोरेन सरकार द्वारा शुरू किये गये प्रयास की सराहना करते भाजपा पर हमला बोला. सरयू राय ने पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादले की टाइमिंग पर सवाल पूछा जिस पर बन्ना गुप्ता ने शोर भी मचाया. सरयू राय ने कहा कि संभव है कि इसके लिए एडवांस में पैसे ले लिये गये हों.

कांग्रेस ने आदिवासियों को लॉलीपॉप पकड़ायाः भानु

भानु प्रताप शाही ने कहा कि वास्तव में चंपाई सोरेन 22 जनवरी को राम लला के प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही सीएम बने. श्रीराम लला धरा पर आये और उसके बाद ही चंपाई सीएम की कुर्सी पर विराजमान हुए. हरे झंडे वाले और हरा चश्मा पहननेवालों को हरा दिखाई देता है. भानु ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर झारखंड के लिए आंदोलन किसके खिलाफ चल रहा था. उस समय तो भाजपा नहीं थी. पिछले चालीस सालों में आदिवासियों को कांग्रेस ने केवल लालीपॉप पकड़ाया. शिबू सोरेन अगर झारखंड आंदोलन के लिए लड़े तो छत्तीसगढ़, उत्तराखंड के लिए किसने लड़ाई लड़ी? यह भाजपा का विशाल हृदय था जो तीन तीन स्टेट बनवाये. यहां झारखंड बनने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी, आडवाणीजी ने आदिवासी नेता बाबूलाल मरांडी को सीएम बनाया. फिर अर्जुन मुंडा बने, शिबू सोरेन को भी भाजपा के सहयोग से सीएम बनाया गया. फिर अर्जुन मुंडा के सीएम बनने पर डिप्टी सीएम हेमंत सोरेन को बनाया गया. आज राष्ट्रपति के पद पर आदिवासी महिला हैं जो बताता है कि भाजपा आदिवासी समाज के लिए क्या भाव रखती है. भानु ने सवाल रखते हुए सीएम से पूछा कि पार्ट-1 में 4 सालों में 6000 महिलाओं के खिलाफ बलात्कार के मामले दर्ज हुए. इसमें से 4000 आदिवासी, दलित महिलाएं हैं. क्या वर्तमान पार्ट-2 सरकार में इसे आगे बढ़ाया जायेगा?

आगे भानु ने कहा कि हर साल पांच लाख युवाओं मतलब अबतक 20 लाख युवाओं को नौकरी नहीं देने, बेरोजगारी भत्ता यह पार्ट-2 वाली सरकार भी नहीं देगी. राज्य में बालू, पत्थर, कोयला, जमीन की लूट, शराब घोटाला इस सरकार में भी होता रहेगा. सीएम को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए

हेमंत सोरेन ने 5 फरवरी को सदन में भाजपा पर उन्हें जेल भेजे जाने का साजिश रचने की बात कही थी. कोई बताये कि चिरूडीह हत्याकांड, शशिनाथ झा हत्याकांड, नोट फॉर वोट में शिबू सोरेन को जेल किसने भेजा. कोयला घोटाले में उन्हें जेल भेजने वाली यही कांग्रेस पार्टी रही. उन्हें 4 सालों तक जेल में रखकर उनके पॉलिटिकल जीवन को नुकसान पहुंचाया. कोई ऐसा सगा नहीं, जिसे कांग्रेस ने ठगा नहीं. शिबू सोरेन, मधु कोड़ा, बंधु तिर्की को भी कांग्रेस की साजिश से जेल जाना पड़ा. लालू यादव, ओमप्रकाश चौटाला, करुणानिधि जयललिता, वाइएस आर रेड्डी समेत कई अन्य नेताओं को भी कांग्रेस के चलते जेल जाना पड़ा. लोकतंत्र की सबसे पापी पार्टी कांग्रेस ही है. सत्ता पक्ष कहता है कि इस राज्य में सबसे अधिक शासन भाजपा ने किया, वे अपना हिसाब ठीक करें. 10 साल 9 माह ही भाजपा का नेतृत्व यहां दिखा जबकि बाकी समय कांग्रेस, झामुमो, राजद, राष्ट्रपति शासन रहा.

हेमंत सोरेन ने खींचा था विकास का खाका: चंपाई

भानु प्रताप शाही के सवालों पर सदन के नेता चंपाई सोरेन ने कहा कि जो विकास का खाका हेमंत बाबू ने खींचा था, उस पर ही काम आगे बढ़ेगा. राज्य के आदिवासी, दलित, मूलवासियों के सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए, भूमि पुत्रों के लिए विशेष योजना जो बनी, उसे ही आगे बढ़ायेंगे.

सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित 

विधानसभा का दो दिनी विशेष सत्र मंगलवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. सोमवार को चंपाई सोरेन ने विश्वास मत हासिल किया औऱ उसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण भी हुआ. उस पर चर्चा के बाद सत्रावसान हुआ.

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