मनरेगा मजदूरों के तीन माह के बकाये के भुगतान का रास्ता साफ, केंद्र ने दिये 240 करोड़

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Ranchi : मनरेगा मजदूरों के तीन माह से अधिक बकाया मजदूरी के भुगतान का रास्ता साफ हो गया है. केंद्र सरकार ने मनरेगा मजदूरी मद में इस वितीय वर्ष की चौथी किस्त के रूप में 240 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि आवंटित कर दिया है. वहीं, नवंबर माह में 51.25 करोड़ की राशि स्वीकृत की गयी थी. उसे भी इसमें जोड़ते हुए कुल 291 करोड़ 26 लाख रुपये आवंटित किये गये हैं. इनमें अनुसूचित जाति के लिए 49,93,20,919 रुपये, एसटी वर्ग को 92,47,68,593 रुपये, अन्य को 148,85,12,226 रुपये का प्रावधान किया गया है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने स्पष्ट किया है इस राशि से हर हाल में लंबित दायित्वों का भुगतान कराना सुनिश्चित करायें. मजदूरी भुगतान की स्थिति की समीक्षा मंत्रालय के द्वारा की जायेगी. इधर, मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने बताया कि राशि मिलते ही मजदूरों के खाते में 250 करोड़ रुपये डालने की प्रक्रिया शुरू की गयी है. सोमवार तक सारे मजदूरों के खाते में राशि डाल दी गयी है.

900 लाख था मानव दिवस सृजन का लक्ष्य, हासिल हो गया अधिक, पैसे की थी जरूरत

झारखंड सरकार ने मनरेगा में इस वित्तीय वर्ष 2023-24 में 900 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य रखा था, लेकिन फरवरी के पहले सप्ताह में ही इसे क्रास करके अब तक 956 लाख मानव दिवस का लक्ष्य सृजित कर लिया है. ऐसे में बड़े पैमाने में मनरेगा मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया है. ग्रामीण विकास विभाग ने इस लक्ष्य को बढ़ा कर 1100 लाख तक करने की योजना बनायी है.

केंद्रीय सचिव से मांगी गयी थी राशि

विगत दिनों केंद्रीय ग्रामीण विकास सचिव शैलेश कुमार सिंह रांची व रामगढ़ के दौरे पर थे. ग्रामीण विकास विभाग सभागार में झारखंड के वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की थी. इस बैठक में मनरेगा आयुक्त झारखंड राजेश्वरी बी ने मनरेगा मद में राशि की मांग की थी. यह बताया कि राज्य ने लक्ष्य से अधिक मानव दिवस का सृजन कर लिया है. ऐसे में इस वित्तीय वर्ष के अंत तक और राशि की आवश्यक पड़ेगी.

255 रुपये मिल रही मजदूरी

केंद्र सरकार मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 228 रुपये दे रही है. इसके बाद झारखंड सरकार द्वारा मनरेगा मजदूरों को राज्य सरकार के मद से 27 रुपये बढ़ा कर 255 रुपये का भुगतान किया जा रहा है.

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