Ranchi: प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिब्रेशन फ्रट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के सुप्रीमो दिनेश गोप की ओर से बेहतर इलाज को लेकर दायर याचिका की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में हुई. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि न्यूरो सर्जन रिम्स में उपलब्ध है. इसलिए रिम्स में दिनेश गोप का बेहतर इलाज संभव है. कोर्ट ने दिनेश गोप को बेहतर इलाज के लिए रिम्स में शिफ्ट करने का निर्देश देते हुए राज्य सरकार को इस संबंध में उठाएंगे कदम की जानकारी देने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च निर्धारित की.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि दिनेश गोप के बेहतर इलाज के लिए रिम्स या देवघर एम्स में न्यूरो सर्जन की व्यवस्था है या नहीं? जिस पर राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि रिम्स में यह सुविधा है, देवघर एम्स में यह सुविधा नहीं है. राज्य सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि जेल अधीक्षक की ओर से जिले के एसपी से पुलिस फोर्स दिलाने का आग्रह किया गया है ताकि दिनेश गोप को रिम्स बेहतर इलाज के लिए शिफ्ट किया जा सके.
बता दे कि दिनेश गोप के हाथ में चोट लगी थी जिसके बाद उनका ऑपरेशन हुआ था, इस दौरान कुछ न्यूरो से संबंधित इशू भी दिनेश गोप गोप के समक्ष आई है. सबसे पहले दिनेश गोप के बेहतर इलाज के लिए रिम्स मेडिकल बोर्ड ने देवघर एम्स भेजने की अनुशंसा की थी. दरअसल, झारखंड पुलिस और एनआइए की संयुक्त टीम ने दिनेश गोप को नेपाल से गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसे रांची जेल भेज दिया गया था.