एंड्रॉयड स्मार्टफोन में सिक्योरिटी को लेकर हमेशा खतरा रहता है। आए दिन एंड्रॉयड फोन में मैलवेयर या वायरस देखने को मिल जाते हैं। अब सिक्योरिटी फर्म चेकप्वाइंट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि दुनियाभर के 2.5 करोड़ एंड्रॉयड फोन एजेंट स्मिथ (Agent Smith) मैलवेयर की चपेट में हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि केवल भारत के 1.5 करोड़ फोन इस वायरस से प्रभावित हुए हैं। यह वायरस एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में यूजर्स की जानकारी के बिना पहुंचा है और खास बात यह है कि गूगल से संबंधित एप के जरिए फोन में आया है। ऐसे में लोगों को इसकी जरा सी भी भनक नहीं लगी है। यह एप यूजर्स के फोन में पहले से मौजूद एप को वायरस वाले एप से बदल दे रहा है। इस मैलवेयर की चपेट में भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका तक के यूजर्स आए हैं।
यदि यह वायरस आपके फोन में पहुंच गया है, तो वह आपकी इजाजत के बिना डिवाइस का पूरा एक्सेस ले चुका होगा। जैसे कि कैमरा, लोकेशन, कॉल, मैसेज आदि के एक्सेस उसके पास होंगे। इसके बाद यह एप आपके फोन में तमाम तरह के वित्तीय धोखाधड़ी वाले विज्ञापन दिखा रहा होगा। इन विज्ञापनों की मदद से यह वायरस आपकी वित्तीय जानकारी भी चोरी कर सकता है। इस एप की खास बात यह है कि इसका आइकन आपको नहीं दिखेगा। ऐसे में आपको पता ही नहीं चलेगा कि यह फोन आपके एप में है भी या नहीं। यह एप आपके फोन में मौजूद व्हाट्सएप और गूगल जैसे लोकप्रिय एप को रिप्लेस कर सकता है।
इसके अलावा यह एप यूजर्स को प्ले-स्टोर से ड्रॉपर एप जैसे 9Apps को डाउनलोड करवाता है। ऐसे एप्स को डाउनलोड करने पर मजबूर करने के लिए वह फ्री गेम एप्स, एडल्ट और फ्री ऑफर्स जैसे विज्ञापन दिखाता है। 9एप्स जैसे थर्ड पार्टी एप स्टोर से डाउनलोड होने वाले एप्स इनक्रिप्टेड होते हैं और उनमें पहले से ही वायरस मौजूद होते हैं। इसके बाद आपके फोन में आने वाले एप्स यूजर्स के फोन में मौजूद व्हाट्सएप, एमएक्स प्लेयर, शेयरइट जैसे लोकप्रिय एप की जांच करता है। इसके बाद जैसे ही पहले से ही तय किया गया कोई एप यूजर्स के फोन में मिलता है तो वायरस असली एप को उसी नाम से बदल देता है। ऐसे में लोगों को पता ही नहीं चलता है कि वे असली एप इस्तेमाल कर रहे हैं या वायरस वाले एप। यदि आपके फोन में whatsapp, lenovo.anyshare.gps, mxtech.videoplayer.ad, jio.jioplay.tv, jio.media.jiobeats, jiochat.jiochatapp, jio.join, good.gamecollection, opera.mini.native, startv.hotstar, meitu.beautyplusme, domobile.applock, touchtype.swiftkey, flipkart.android, cn.xender, eterno और truecaller जैसे एप मौजूद हैं तो संभव है कि एजेंट स्मिथ एप आपके फोन में पहुंच गया है। इस एप ने हिन्दी, अरबी, रशिया और इंडोनेशिया बोलने वाले लोगों को सबसे ज्यादा निशाना बनाया है।
 
  • फोन की सेटिंग्स में जाएं
  • Apps या एप्लिकेशन मैनेजर पर क्लिक करें
  • अब नीचे की स्क्रॉल करके देखें
  • अब ऐसे किसी भी एप को अन-इंस्टॉल कर दें जिसे आप नहीं जानते हैं या फिर उसे आपने डाउनलोड नहीं किया है।
  • यदि कोई संदिग्ध एप नजर नहीं आता है तो हाल ही में इंस्टॉल किए गए सभी एप्स को अन-इंस्टॉल कर दें।