रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सोमवार यानी 12 अगस्त 2019 को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 42वीं वार्षिक आम बैठक में कहा कि महज तीन साल में जियो के पास 34 करोड़ से अधिक ग्राहक हो चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि अब रिलायंस जियो चार नए प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली है जिनमें इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) भी शामिल हैं। मुकेश अंबानी के अपकमिंग प्रोडेक्ट्स में घरों और इंटरप्राइजेज के लिए ब्रॉडबैंड और छोटे कारोबारियों के लिए भी ब्रॉडबैंड की सुविधा शामिल हैं।

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मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो ने 4जी की हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए 3.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि जियो ने डाटा इस्तेमाल के मामले में भारत को पूरी दुनिया में अव्वल बना दिया है। अंबानी ने कहा कि जियो भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर कंपनी बन गई है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स से कंपनी को एक साल में करीब 20,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जियो ने पूरे भारत में एक नई सर्विस तैयार की है जिसे नैरोबैंड इंटरनेट ऑफ थिंग्स (NBIoT) दिया गया है। इसके तहत घरों, इंडस्ट्रीयल और पब्लिक प्लेस को स्मार्ट बनाया जाएगा। जियो की IoT सेवा 1 जनवरी 2020 से सभी के लिए उपलब्ध होगी जिसके तहत करीब एक अरब स्मार्ट डिवाइस को कनेक्ट किया जाएगा।

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यह काम अगले दो साल में पूरा होगा। मुकेश अंबानी ने बताया कि देश में करीब 300 मिलियन यानी 30 करोड़ इलेक्ट्रिक मीटर हैं जिन्हें डिजिटल बनाने की जरूरत है ताकि रियल टाइम में मॉनिटरिंग की जा सके और ग्राहकों को कीमत से लेकर सेवा तक में पारदर्शिता दिखे।
वोडाफोन आइडिया लिमिटेड भी नैरो बैंड इंटरनेट ऑफ थिंग्स सर्विस पेश करने की तैयारी में है। कंपनी ने कोच्ची, जयपुर, बंगलूरू और चेन्नई में इसका कॉन्सेप्ट भी पेश किया है। वोडाफोन आइडिया की NB-IoT सेवा अगले 12 महीने में पूरे भारत में लॉन्च हो जाएगी। वहीं एयरटेल भी नैरो बैंड इंटरनेट ऑफ थिंग्स पेश करने
की तैयारी कर रही है।

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