चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी हुवावे (Huawei) लंबे समय से अमेरिका के प्रतिबंध का सामना कर रही है। इसके चलते अब कंपनी को भारत सरकार से 5जी (5G) नेवटर्क डेमो के लिए मंजूरी मिल गई है। वहीं, हुवावे को भी उम्मीद थी कि सरकार उन्हें नेटवर्क की ट्रायल के लिए अनुमति देगी। अब भारत के लोगों को इंडिया मोबाइल कंग्रेस (India Mobile Congress 2019) इवेंट के दौरान 5जी तकनीक का ट्रायल मिलेगा। इससे पहले जानना होगा कि 5जी नेटवर्क क्या है…
5जी तकनीक वायरलेस फोन की पांचवी पीढ़ी है। 4जी के मुकाबले 5जी काफी तेज है, जिससे यूजर्स को हाई स्पीड डाटा का लुफ्त उठाते सकेंगे। साथ ही इस टेक्नोलॉजी से यूजर्स के स्मार्टफोन की बैटरी की खपत कम हो जाएगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, 5जी नेटवर्क एलटीई पर काम करेगा। वहीं,  2025 तक दुनिया की आधी आबादी को इस नेटवर्क का सपोर्ट मिलेगा।
हालाकि, भारत सरकार ने अब तक साफ नहीं किया है कि हुवावे आने वाले समय में 5जी सेवा लोगों को मुहैया कराएगा या नहीं। सूत्रों की मानें तो हुवावे दूरसंचार कंपनी एयरटेल और वोडाफोन के साथ मिलकर 5जी तकनीक का ट्रायल पेश करेगा। वही दूसरी तरफ इन डेमो से लोग भी 5जी नेटवर्क का उपयोग कर पाएंगे। आपको बता दें कि भारत सरकार ने हुवावे को सिर्फ 5जी तकनीक के ट्रायल के लिए अनुमति दी है। 

हुवावे इंडिया के मुख्य अधिकारी जय चैन ने कहा है कि हम आईएमसी इवेंट के लिए बहुत उत्साहित हैं। हम भारत सरकार का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने हम पर भरोसा जताया। उन्होंने आगे कहा है कि हम इस इवेंट में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी शोकेस करेंगे। 
रिपोर्ट्स के अनुसार, स्मार्टफोन मेकर कंपनी नोकिया और एरिक्सन इंडिया मोबाइल कांग्रेस में 5जी स्पेक्ट्रम पेश करेगी। इसके साथ ही देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनियां भी इस तकनीक की पेशकश कर सकती हैं।