दिव्यांगों को भी मिलेगा रोजगार का मौका, ये टेक्नोलॉजी करेंगी मदद

भारत में इस समय टेक्नोलॉजी का एक ऐसा क्षेत्र है, जो तेजी से विकास कर रहा है। साथ ही अब देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसी तकनीक की मौजूदगी से भी लोगों को रोजगार के मौके मिले हैं। वहीं, रिसर्च फर्म गार्टनर की रिपोर्ट से पता चला है कि नई तकनीकों से 2023 तक नौकरी करने वाले दिव्यांगों की संख्या में तीन गुना बढ़ोतरी होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए दिव्यांग तेजी से काम कर सकेंगे, क्योंकि उन्हें सिर्फ कमांड देनी होगी। इसके साथ ही दिव्यांग दिमाग का उपयोग कर नौकरी पाने में सक्षम होंगे। वहीं, गार्टनर के मुख्य अधिकारी डेरिल प्लमर ने कहा है कि दिव्यांगों के लिए ऑग्मेंटेड रियलिटी और एआई जैसी तकनीकों के जरिए काम करना बहुत आसान हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा है कि मौजूदा समय में ऐसे रेस्तरां हैं, जहां पायलेट प्रोजेक्ट के तहत रोबोट्स का इस्तेमाल किया जाता है।
रिपोर्ट के मानें तो जिन कंपनियों ने दिव्यांगों को नौकरी पर रखा हैं, उनका रिटेंशन रेट 86 फीसदी से आगे नहीं बढ़ पाया है। इसके साथ ही कंपनी की उत्पादकता में 72 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसके अलावा प्रॉफिट में 29 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
गार्टनर की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 के बाद एआई टेक्नोलॉजी के साथ इमोशन को भी जोड़ा जाएगा। इसका मतलब है कि कंपनियां अपने ग्राहकों की मांग, इमोशन और उनके खरीदने के पैटर्न को सही तरह से समझ सकेंगी। उम्मीद लगाई जा रही है कि इससे कंपनियों की बायिंग कैपेसिटी पर बहुत प्रभाव पड़ेगा। आपको बता दें कि इस समय तीन दिग्गज टेक्नोलॉजी में एआई और मशीन लर्निंग तकनीक शामिल हैं। साथ ही ये टेक्नोलॉजी बाजार पर गहरा प्रभाव डाल सकती हैं।