सूखे मेवे या ड्राईफू्रट्स हमारे शरीर और दिमाग के लिए टॉनिक का काम करते हैं। वसा और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होने से ये हृदय के लिए भी उपयोगी होते हैं।

सूखे मेवों की तासीर गर्म होती है इसलिए इन्हें भिगोकर खाया जाना चाहिए। किसी भी ड्राईफू्रट को खाने से पहले इन्हें 6-8 घंटे पानी में भिगोकर रखना चाहिए। लेकिन ध्यान रहे कि जिस पानी में आपने इन्हें भिगोया है उस पानी का प्रयोग दोबारा न करें क्योंकि इसमें छिलके की ऊपरी परत पर मौजूद दूषित कण शेष रह जाते हैं। मेवों से बने उत्पाद खाने की बजाय इन्हें ऐसे ही खाना चाहिए।

कब न खाएं
मेवे उच्च प्रोटीन का स्रोत होते हैं। इसलिए ऐसे लोग जिन्हें किडनी रोग, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल या पाचन संबंधी रोग हो वे इन्हें डॉक्टरी सलाह से ही खाएं।

विकल्प : ये काफी महंगे होते हैं इसलिए इनके स्थान पर आप मूंगफली, अंकुरित अनाज, तिल, सोयाबीन, दालें व अलसी के बीज प्रयोग कर सकते हैं।