बदलते मौसम में उतार-चढ़ाव संवेदनशील व्यक्तियों को प्रभावित करता है, इसे एलर्जी कहते हैं। इससे सांस लेने में तकलीफ, शरीर पर लाल चकते, नाक व आंख से पानी आना, आंख या किसी अंग में खुजली, लगातार छींके व हरारत होती है। एलर्जी एक आनुवांशिक रोग है। जब रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) कमजोर हो जाती है तो एलर्जी अपना प्रभाव दिखाने लगती है। आइये जानते हैं इससे बचने के उपायों के बारे में।

कारण : धूल-मिट्टी, पेड़ों से निकलने वाले परागकण, खाद्य पदार्थ जैसे दूध से बनी चीजें, ड्राईफ्रूट्स, सोयाबीन व अनाज, दवाओं, ब्यूटी उत्पाद या पालतू जानवरों से एलर्जी हो सकती है।

उपचार व सावधानी –
धूल और धुएं से बचें। गाड़ी चलाते हुए या बाहर जाते समय मुंह पर कपड़ा व आंखों पर चश्मा लगाएं। घर में नमी न होने दें। होम्योपैथिक इलाज के लिए सैबेडिला, ब्रोमियम, जैल्सीमियम, एरेलिया, मर्कसौल, एलियम सीपा आर्सेनिक एल्बम व सोराइनम दवाएं डॉक्टरी सलाह से लें।