महिलाओं में अधिक रक्तस्राव से ब्लड प्रेशर कम हो जाता है। इससे किडनी में रक्त प्रवाह धीमा होता है। यह शरीर में प्रवाहित 20 से 25 फीसदी रक्त को शुद्ध करने का काम करती है। यह प्रक्रिया बंद होने पर किडनी डेड हो जाती है।
गर्भपात का खतरा ज्यादा
गर्भावस्था के दौरान क्रॉनिक किडनी डिजीज होने पर गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। गर्भावस्था के दौरान बीमारी से गर्भस्थ शिशु का सही तरीके से विकास नहीं हो पाता है। बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं। शादी से पहले यह बीमारी होने पर महिलाओं में नि:संतानता की आशंका रहती है।
एंटीबॉडीज भी बड़ी वजह
ल्यूपस नेफ्रोपैथी किडनी रोग से जुड़ी बीमारी है। महिला के शरीर में एंटीबॉडीज बनने लगती है जो किडनी की स्वस्थ कोशिकाओं को खत्म करने का काम करने लगता है जिसका सीधा असर किडनी की कार्यक्षमता पर पड़ता है। नेफ्रॉन्स खराब होने लगते हैं। इसका समय रहते इलाज कराया जाए तो रोगी को गंभीर स्थिति में जाने से बचाया जा सकता है।