औषधि के रूप में होता इस्तेमाल
शहद या मधु हमेशा से रसोई में इस्तेमाल होने वाला एक स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ रहा है, इसका औषधि के रूप में भी इसका इस्तेमाल होता है। हमारे पूर्वज शहद के कई लाभों से अच्छी तरह परिचित थे। भारत में शहद सिद्ध और आयुर्वेद चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण अंग है जो चिकित्सा की पारंपरिक पद्धतियां हैं। प्राचीन मिस्र में इसे त्वचा और आंखों की बीमारियों में इस्तेमाल किया जाता था और जख्मों तथा जलने के दागों पर प्राकृतिक बैंडेज के रूप में लगाया जाता था।
शहद में प्रचुर मात्रा में एंटीबायोटिक तत्त्व होते हैं
अमरीका के शोधकर्ताओं ने एक रिसर्च में पाया है कि शहद में प्रचुर मात्रा में एंटीबायोटिक तत्त्व होते हैं। जिनसे कटी-फटी त्वचा व घाव जल्दी भरते हैं। संक्रमण से बचाव होने के साथ-साथ इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। शहद रक्त की धमनियों में सीधे घुल जाता है जिससे शरीर को फौरन ऊर्जा मिलती है। इस तरह यह खिलाड़ियों और बच्चों के लिए अधिक उपयोगी है। शहद खाने से शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाती है जिससे सेरेटोनिन हार्मोन स्त्रावित होने लगता है और हमारा खराब मूड फिर से चंगा हो जाता है। लेकिन जिन्हें डायबिटीज की समस्या है, वे इसका प्रयोग विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।