कारण व इलाज
एलर्जी 200 से भी ज्यादा प्रकार की हो सकती है। इसके प्रमुख कारण धूल-मिट्टी, खास तरह के पेड़-पौधे, परफ्यूम, खाने-पीने की चीजें, पालतू जानवर व पुराने कपड़े आदि हो सकते हैं। व्यक्ति को किस तरह की व किन चीजों से एलर्जी है, यह टैस्ट के बाद स्पष्ट होता है। उसी आधार पर इलाज किया जाता है। आमतौर पर इससे बचने के लिए करीब एक साल तक समय-समय पर वैक्सीन लगाए जाते हैं। यदि एलर्जी के कारण व्यक्ति को अस्थमा या कोई अन्य रोग हो जाए तो दवाओं से उसका इलाज होता है।
ये सावधानी बरतें
कभी-कभी दमा या किसी अन्य परेशानी के कारण स्किन टैस्ट के दौरान व्यक्ति को एनाफाइलेक्सिस रिएक्शन हो सकता है। इसके कारण तेजी से सांस फूलना, घबराहट जैसे लक्षण होकर स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए यह टैस्ट किसी विशेषज्ञ से ही कराएं।
– टैस्ट से पहले विशेषज्ञ कई बार लाइफस्टाइल व फैमिली हिस्ट्री से जुड़ी बातें पूछते हैं। उनकी जानकारी सही-सही दें।
दो तरह के होते हैं टैस्ट
ब्लड टैस्ट: इसमें खून के सैंपल से टैस्टिंग होती है। खर्च करीब दो से तीन हजार के बीच आता है व रिपोर्ट भी दो-तीन दिनों में मिल जाती है। लेकिन कई मामलों में ब्लड टैस्ट के परिणाम सटीक नहीं मिलने के कारण डॉक्टर इसके बजाय स्किन टैस्ट को ज्यादा सही मानते हैं।
स्किन सेंसिटिविटी टैस्ट: इसमें अलग-अलग एलर्जी के विभिन्न एंटीजंस को व्यक्ति के शरीर में इंजेक्शन से कई जगहों पर डाला जाता है। उन जगहों पर विशेषज्ञ सर्किल बना देते हैं। करीब 15 मिनट बाद वे चेक करते हैं कि किस एंटीजन से रिएक्शन हुआ व किससे नहीं। रिएक्शन के आधार पर ही रिपोर्ट तैयार करके स्पष्ट किया जाता है कि मरीज को किन-किन चीजों से व कौन सी एलर्जी है। खर्च करीब 5000 रुपए आता है।
डॉ. जी.डी. पारीक, फिजीशियन