नहीं करें लापरवाही
हमारे घुटने के भीतरी भाग में कू्रशिएट लिगामेंट होते हैं जो घुटने के मूवमेंट में मददगार होते हैं। कई बार फुटबॉल, बास्केटबॉल आदि खेलते समय घुटनों पर जोर पडऩे या अधिक खिंचाव के कारण ये लिगामेंट क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इससे व्यक्ति को घुटने मोडऩे, चलने व सामान्य काम करने में भी काफी दिक्कत आती है। इसे एंटीरियर कू्रशिएट लिगामेंट (एसीएल) कहते हैं। दो या तीन दिनों तक यदि दर्द व सूजन कम न हो तो लापरवाही किए बगैर डॉक्टर से संपर्क करें।
कारण
खेल के दौरान मूवमेंट करते हुए अचानक रुकने, दौड़ते हुए अचानक गति कम करने, कूदते समय गलत दिशा में घुटने के मुडऩे से यह इंजरी हो सकती है। टूव्हीलर चलाते समय दुर्घटना होने पर भी इसकी आशंका बढ़ जाती है।
लक्षण : घुटने को मोडऩे व चलने-फिरने में परेशानी, सूजन व तेज दर्द।
सावधानी : विशेषज्ञ द्वारा बताई गई दवाएं व एक्सरसाइज नियमित रूप से करें।
टैस्ट : लक्षणों के आधार पर विशेषज्ञ इसका पता लगाते हैं। जरूरत पडऩे पर एमआरआई कराकर स्थिति स्पष्ट करते हैं।
एक्सरसाइज : सर्जरी के बाद स्थिति के मुताबिक विशेषज्ञ तीन माह तक विभिन्न तरह की एक्सरसाइज कराते हैं।
जरूरत के मुताबिक इलाज
मरीज की स्थिति व जरूरत के मुताबिक इलाज किया जाता है। बुजुर्ग या ऐसे लोग जिन्हें भागदौड़ के काम नहीं करने पड़ते उनका इलाज दवाओं व एक्सरसाइज से करते हैं। लेकिन अधिक चलने-फिरने वाले व स्पोट्र्समैन की विशेषज्ञ सर्जरी करके लिगामेंट को रिपेयर करते हैं। सिर्फ दवाओं व एक्सरसाइज से क्षतिग्रस्त लिगामेंट को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता।