पास्ता के शौकीन ऐसे लोग जो डायबिटीज की वजह से इसका स्वाद नहीं ले पाते हैं, उनके लिए अच्छी खबर है। देश के प्रमुख भारतीय कृषि शोध संस्थान (आईएआरआई) ने ऐसा पास्ता तैयार किया है जो डायबिटीज के मरीजों को फायदा पहुंचाएगा। इस पास्ता में सूजी नहीं बाजरे का इस्तेमाल किया गया है।

विशेषज्ञाें के अनुसार देश में डायबिटीज की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। कम उम्र के मधुमेह रोगी भी सामने आ रहे हैं। डायबिटीज के मरीज को खाने-पीने में कई परहेज करने पड़ते हैं।बाजरे के पास्ता में गेंहू से बनने वाले सूजी की जगह बाजरे के आटे का इस्तेमाल किया गया है। इसमें ग्लूटेन का स्तर कम है और बाजरे के कारण आयरन और जिंक भरपूर मात्रा में उलब्ध है। इस वजह से यह डायबिटीज के मरीजों को फायदा पहुंचाएगा। इस बदलाव का असर पास्ता के स्वाद पर नहीं पड़ रहा है।

बाजरे के गुण
एनर्जी के लिए:
बाजरा खाने से एनर्जी मिलती है। ये ऊर्जा एक बहुत अच्छा स्त्रोत है। इसके अलावा अगर आप वजन घटाना चाह रहे हैं तो भी बाजरा खाना आपके लिए फायदेमंद होगा। दरअसल, बाजरा खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती है। जिससे वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

स्वस्थ दिल के लिए
बाजरा कोलस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है।जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा कम हो जाता है।इसके अलावा ये मैग्नीशियम और पोटैशियम का भी अच्छा स्त्रोत है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मददगार है।

पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में सहायक
बाजरे में भरपूर मात्रा में फाइबर्स पाए जाते हैं जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में सहायक हैं। बाजरा खाने से कब्ज की समस्या नहीं होती है।