Type 2 diabetes risk factors: लम्बे कद के लाेगाें की तुलना में छोटे कद के लाेगाें का टाइप -2 डायबिटीज हाेने का खतरा ज्यादा हाेता है।हालही में हुए एक शाेध में इस बात का खुलासा हुआ है।डायबेटोलॉजिया नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में यह भी पाया गया कि छाेटे कद के लाेगाें के मुकाबले उनसे 10 सेंटीमीटर लम्बे लाेगाें काे भविष्य में टाइप -2 डायबिटीज ( Type 2 diabetes ) हाेने का खतरा ( पुरुषों के लिए 41 फीसदी और महिलाओं के लिए 33 फीसदी ) कम था।शोधकर्ताओं का मानना है कि कम लम्बार्इ वाले लाेगाें में उच्च कार्डियोमेटोलिक रिस्क फैक्टर लेवल आैर फैटी लिवर टाइप -2 डायबिटीज कारण बन सकता है।

जर्मन इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन न्यूट्रीशन द्वारा किए गए इस शाेध में शाेधकर्ताआें ने 26,000 में आयु,शिक्षा,जीवनशैली आैर कमर के माप के आधार पर मध्य अायु वर्ग के करीब 2,500 पुरूष व महिलाअाें का अवलाेकन किया।

हालांकि वैज्ञानिक पूरी तरह से इस बात की जानकारी नहीं जुटा सकें हैं कि ऊंचाई और मधुमेह के जोखिम के बीच संबंध क्यों है, उनका मानना था की लीवर की वसा टाइप -2 डायबिटीज के लिए जिम्मेदार हाे सकती है।

शाेधकर्ताआें के अनुसार लम्बे लोगों में आमतौर पर लिवर फैट की मात्रा कम होती है, जबकि छाेटे कद के लाेगाें में इसका स्तर अधिक होता है,जो मधुमेह ( Type 2 diabetes ) का जोखिम कारक है।