जेपीएससी परीक्षा मामला: सुप्रीम कोर्ट में झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ अपील खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड लोक सेवा आयोग को संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2016 के नतीजों में बदलाव करने का आदेश दिया था। जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने के लिए कोई आधार नहीं है, इसलिये विशेष अनुमति याचिका खारिज की जाती है।

अधिवक्ता शुभाशीष रसिक सोरेन इस मामले में हस्तक्षेप करने वाले एक व्यक्ति की ओर से पेश हुए। हाईकोर्ट के 21 अक्टूबर, 2019 के आदेश के खिलाफ दीपक कुमार और अन्य की अपील पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रही थी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार का 12 फरवरी, 2018 का प्रस्ताव और झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा छह अगस्त, 2018 को 34,634 उम्मीदवारों को सफल घोषित करने संबंधी परिवर्तित परिणाम निरस्त कर दिए थे।


राज्य लोक सेवा आयोग ने विभिन्न सिविल सेवाओं में सभी 326 पदों पर भर्ती के लिये संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के लिये एक विज्ञापन जारी किया था। विज्ञापन में कहा गया था कि इन पदों की संख्या बढ़ाई या घटाई जा सकती है। विज्ञापन में यह भी कहा गया था कि प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर विभिन्न श्रेणियों की रिक्तियों के लिये करीब 15 गुणा उम्मीदवारों का मुख्य परीक्षा के लिए चयन किया जाएगा।

इन पदों के लिये 18 दिसंबर, 2016 को प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया गया था और इसके परिणाम 23 फरवरी, 2017 को प्रकाशित हुए थे जिसमें 5,138 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया था।