नई दिल्ली। आम चुनाव करीब है और सियासी रण शुरु हो चुका है। राजनीतिक दल एक-दूसरे पर जमकर बरस रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस ने कहा कि सरकार लोकपाल विधेयक को केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बचाने के लिए लागू नहीं कर रही है, जो शायद रफाल लड़ाकू विमान सौदे में ‘सबसे पहले’ आरोपी होंगे। अंतरिम बजट 2019-20 पर चर्चा के दौरान, कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि सरकार का रक्षा आवंटन चीन के रक्षा आवंटन का केवल पांचवा हिस्सा है। मोइली ने कहा, “इसका 20 प्रतिशत हिस्सा रफाल के लिए जाएगा और इसने उनकी कमजोरी उजागर कर दी है। मुझे लगता है कि यह सरकार इसीलिए लोकपाल विधेयक लागू नहीं कर रही है। अब यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि अगर यह लागू किया गया तो हो सकता है प्रधानमंत्री इसके पहले आरोपी होंगे। इसलिए वह डरे हुए हैं। इसलिए मामले में कोई जेपीसी नहीं बिठाई गई।”

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प्रधानमंत्री आज बच सकते हैं, लेकिन कल नहीं: मोइली

बता दें कि सदन में बोलते हुए मोइली ने कहा कि प्रधानमंत्री आज बच सकते हैं, लेकिन कल नहीं। मोइली ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री सब पर प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो का इस्तेमाल कर रहे हैं। मोइली ने हालांकि कहा कि वह रफाल या किसी अन्य हथियार को खरीदने के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आप एचएएल जैसे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी को दरकिनार नहीं कर सकते, जिसके पास 70 वर्षो की विशेषज्ञता है। इस सरकार का खुद का कानून मंत्रालय कहता है कि एक संप्रभु गारंटी होनी चाहिए। आज हमें पता चला कि सरकार ने रफाल सौदे में भ्रष्टाचार-रोधी धाराओं को हटा दिया था। बता दें कि रफाल को लेकर कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर आरोप लगाती रही है और जांच के लिए जेपीसी की मांग कर रही है।

 

 

 

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