नई दिल्ली। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने अपने एक बयान पर सोमवार को सफाई दी है। उन्होंने कहा- मैंने सिर्फ यही कहा था कि कश्मीर में क्षेत्रीय दलों के नेताओं की यह फितरत हो गई है कि जब वे सत्ता में होते हैं तो कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानते हैं और जब सत्ता से बाहर हो जाते हैं तो पाकिस्तान का गुणगान करने लगते हैं, कश्मीर को लेकर सवाल उठाने लगते हैं। इसमें न केवल पीडीपी के नेता शामिल हैं बल्कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता भी यही करते हैं। सिंह ने आगे कहा कि जब फारूक अब्दुल्ला मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने केंद्र सरकार से शिकायत की थी कि पीओके में आतंकी कैंपों को क्यों नहीं बर्बाद किया जा रहा है? और अब हम सबको पता है जब वे सत्ता में नहीं हैं तो पाकिस्तान व कश्मीर को लेकर उनके क्या विचार हैं?

फारूक अब्दुल्ला ने किया पलटवार

आपको बता दें कि फारूक अब्दुल्ला ने जितेंद्र सिंह के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि जितेंद्र सिंह क्या समझते हैं? वे किस चीज के मंत्री है? वे क्या करते हैं? केवल मंत्री का पद लिए हुए हैं और अलग-अलग मुद्दों पर बोलते रहते हैं, लेकिन उन्हें कुछ करके दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे बताएं कि कब मैंने कहा है कि हमलोग भारतीय नहीं हैं? अब्दुल्ला ने जितेंद्र सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसे लोग हैं पाकिस्तानी, ये जितेंद्र सिंह जैसे, फारूक अब्दुल्ला नहीं है। ऐसे लोग केवल सत्ता में झूठ बोलकर आते हैं। आपको बता दें कि बीते दिन महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तारीफ की थी और कहा था कि ‘यदि आप तुलना करते हैं तो आप महसूस करेंगे कि धर्म के आधार पर गठित पाकिस्तान और धर्मनिरपेक्षता की बुनियाद पर गठित भारत देश में किस तरह का अंतर है,अपने देश में मुस्लिम नामों वाले स्मारकों और पुराने शहरों को हिंदू नामकरण किया जा रहा है, गायों के नाम पर मुसलमानों को मारा जा रहा है, उनपर रासुका लगाकर जेल भेजा जा रहा है। हिंदुत्व के नाम पर देश में सियासत हो रही है।’

 

Read the Latest India news hindi on KhabarTak.com. पढ़ें सबसे पहले India news पत्रिका डॉट कॉम पर.