नई दिल्ली। सोलहवीं लोकसभा के आखिरी भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला। अपने इस हमले से पीएम ने राहुल के अभी तक के सभी हमलों का जवाब दे दिया। उन्‍होंने कहा कि पहली बार 2014 में कांग्रेस के गोत्र के बिना पहली सरकार बनी। इस सरकार ने अपनी जिम्‍मेदारियों का सफलतापूर्वक बिना किसी दबाव के पूरा किया। लेकिन इस सरकार को अपने कार्यकाल के दौरान किसी को गोत्र बताने की जरूरत नहीं पड़ी।

भ्रष्‍टाचार पर लगाम से नाराज हैं विरोधी
सरकार उन्‍होंने कहा कि सोलहवीं लोकसभा की सदन ने कालेधन से लेकर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए काफी अहम बिल पारित किए हैं। उन्होंने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों को बहुत फायदा होने वाला है, जीएसटी के लिए रात 12 बजे संयुक्त सदन बुलाया गया और बगैर क्रेडिट लिए पूर्व वित्त मंत्री से उसे लागू करवाया गया। उन्‍होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि 30 साल बाद पूर्ण बहुमत वाली सरकार आई है और इसका केवल विरोधी दलों पर ही नहीं बल्कि दुनिया के देशों पर भी पड़ा है।

पीएम को सोने नहीं देंगे
दूसरी तरफ कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी मोदी सरकार पर लंबे अरसे से हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। खासकर रफाल में 30 हजार करोड़ के घोटाले को लेकर उन्‍होंने सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। इस मुद्दे पर उन्‍होंने संसद से लेकर सड़क तक मोदी सरकार को घेरने का काम किया है। साथ ही उन्‍होंने साफ कर दिया कि जनता की अदालत में भी रफाल में भ्रष्‍टाचार को लेकर पीएम मोदी को पर्दाफाश करेंगे। सोलहवीं लोकसभा के अंतिम दिन भी उन्‍होंने रफाल मुद्दे पर सरकार को घेरने का काम किया। साथ ही किसानों की उपेक्षा, बेरोजगारी, संवैधानिक संस्‍थानों पर हमला आदि मुद्दे भी उनके खिलाफ होंगे। उन्‍होंने साफ कर रखा है कि हम पीएम मोदी को सत्‍ता से बेदखल करने तक सोने नहीं देंगे।