नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए अपने बयान पर सफाई दी है। शीला ने कहा कि मेरे बयान को दूसरे संदर्भ में लिया गया है। मैंने तो ऐसा कुछ कहा ही नहीं था। दरअसल पहले खबर आई कि दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए मोदी ने जिस तरह की सख्ती बरती है, वैसी 2008 में मनमोहन सिंह ने वैसा नहीं किया था।

सफाई में शीला ने क्या कहा?

पूर्व सीएम ने ट्विटर पर लिखा कि मेरे इंटरव्यू को कुछ मीडिया में तोड़ मरोड़ कर दिखाया गया। मैंने असल में कहा था कि- कुछ लोगों को ये लग सकता है कि मिस्टर मोदी आतंक के मुद्दे पर अधिक सख्त हैं, लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि ये सिर्फ चुनावी नौटंकी से अधिक कुछ नहीं है। मैंने ये भी कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा हमेशा से ही चिंता का विषय रहा है। इंदिरा जी इसके लिए एक शक्तिशाली नेता रही हैं।

ये तो पूरा देश मानता है: अमित शाह

लोकसभा चुनाव से पहले शीला दीक्षित का ये बयान बीजेपी ने हाथों-हाथ लिया। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने ट्विटर पर लिखा कि शीला दीक्षित जी को शुक्रिया। यह बात तो राष्ट्र पहले से ही जानता है लेकिन कांग्रेस पार्टी यह मानने के लिए तैयार नहीं थी। वहीं दिल्ली बीजेपी ने भी अपने ट्विटर पर कांग्रेस नेता का ये बयान शेयर किया है।

 

शीला दीक्षित ने पहले क्या कहा था?

एक न्यूज चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित का ये चौंकाने वाला बयान दिया। उसने जब 26/11 मुंबई हमले के बाद यूपीए सरकार के रुख पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह मानना होगा कि मनमोहन सिंह आतंकवाद से निपटने में उतने मजबूत नहीं थे, जितना कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।