नई दिल्ली। रविवार को भारतीय चुनाव आयोग ने अगामी लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। इस घोषणा के बाद देश में राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। गठबंधन और दल-बदल का खेल चरम पर है। खासकर, कांग्रेस और भाजपा में अवसरवादी राजनीति जमकर शुरू हो चुकी है। हर दिन नेता एक पार्टी को छोड़क दूसरी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। ताजा मामला हरियाणा का है, जहां कांग्रेस के पूर्व सांसद और कद्दावर नेता अरविंद शर्मा ने भाजपा का दामन थाम लिया है।

 

हरियाणा में कांग्रेस को बड़ा झटका

जानकारी के मुताबिक, हरियाणा से कांग्रेस का सांसद रह चुके अरविंद शर्मा ने शुक्रवार को भाजपा का दामन थाम लिया। शर्मा ने दिल्ली भाजपा मुख्यालय में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। अरविंद शर्मा के भाजपा में शामिल होने से प्रदेश में भाजपा की स्थिति और मजबूत होगी। शर्मा ने अपना पहला लोकसभा चुनाव वर्ष 1996 में सोनीपत लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीता था। इसके बाद 2004 और 2009 में उन्होंने कांग्रेस से लोकसभा का चुनाव लड़ा और पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आईडी स्वामी को हराया था।

वहीं, कांग्रेस के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि, इस उठा-पटक को लेकर कांग्रेस की ओर से अबी तक कोई बयान नहीं आया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से हरियाणा में कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी है। हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा था कि हरियाणा में अगर भाजपा को हराना है तो कांग्रेस को साथ मिलकर चुनाव लड़ना होगा। इतना ही नहीं जिंद उपचुनाव में भी कांग्रेस ने रणदीप सिंह सुरजेवाला को चुनाव लड़ाया था, लेकिन उन्हें भाजपा से करारी शिकस्त मिली थी। अब देखना यह है कि इस नुकसान के बाद कांग्रेस किस तरह हरियाणा में जनाधार मजबूत करती है।