बुझ गई 'लालटेन', बिछड़ गया का 'लालू का लाल', प्रताप ने अपने 'तेज' से बनाई नई पार्टी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार की कलह खुलकर सामने आ गई। बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने बगावती तेवर अख्तियार करते हुए लालू-राबड़ी के नाम से नया मोर्चा बनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सारण लोकसभा सीट से राबड़ी देवी चुनाव लड़ें, नहीं तो मैं लड़ूंगा।

 

पार्टी पर लोगों ने जमाया कब्जा-तेजप्रताप

पटना में मीडिया से बात करते हुए तेजप्रताप ने कहा कि जहानाबाद और शिवहर पर मेरे पसंद के उम्मीदवार को उतारा जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग तेजस्वी को भड़का रहे हैं। इतना ही उन्होंने कहा कि पार्टी पर कुछ लोगों ने कब्जा जमा लिया है। लिहाजा, मैं अब लालू-राबड़ी नाम का मोर्चा बनाऊंगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेजप्रताप की पार्टी 20 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।

टिकट बंटवारे से लालू परिवार में ‘रार’

दरअसल, पहले तेजप्रताप यादव अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक लेने को लेकर परिवार से नाराज चल रहे थे। वहीं, अब बिहार महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर आरजेडी और अपने परिवार से नाराज हो गए हैं। उनकी जिद थी कि उनकी पसंद के दो प्रत्याशियों को भी लोकसभा चुनाव का टिकट दिया जाना चाहिए। वो अपनी जिद को लेकर किसी की नहीं सुन रहे थे। पार्टी के भीतर भी इस बात को लेकर नेताओं में रोष है। लालू के लाल जहानाबाद और शिवहर से अपने प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतारना चाहते थे। जहनाबाद के लिए तो उन्होंने अपने उम्मीदवार चंद्रप्रकाश को नामांकन भरने के लिए भी कह दिया था। हालांकि, शिवहर सीट पर अभी आरजेडी ने भी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है।

तेजप्रताप से कई आरजेडी नेता भी नाराज

तेजप्रताप के कारण आरजेडी के कई नेता लालू परिवार से नाराज चल रहे हैं। वहीं, आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने तो खुलकर कह दिया है कि तेजप्रताप की जिद से जगहंसाई हो रही है और इसका असर आनेवाले चुनाव पर भी पड़ेगा। ऐसे में उन्होंने लालू-राबड़ी से आग्रह किया है कि वो तेजप्रताप को शांत कराएं। इस बाबत राबड़ी देवी ने तेजप्रताप से फोन पर कई बार बात भी की, लेकिन तेजप्रताप अपनी जिद पर अड़े हुए थे।