नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव ( Lok Sabha Election 2019 ) और प्रचार के दौरान पश्चिम बंगाल ( West Bengal ) में टीएमसी-बीजेपी में लगातार हो रही हिंसा पर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने बंगाल की बची हुई 9 सीटों की चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी है। 16 मई रात 10 बजे के बाद से पश्चिम बंगाल में किसी भी राजनीतिक दल को प्रचार की इजाजत नहीं मिलेगी, जबकि सातवें चरण के लिए नियम के मुताबिक 17 मई की शाम 5 बजे तक प्रचार किया जा सकता था।

पश्चिम बंगाल के 9 संसदीय क्षेत्र: दम दम, बारासात, बसीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, जाधवपुर, डायमंड हार्बर, दक्षिण और उत्तरी कोलकाता

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प्रधान सचिव और गृह सचिव की छुट्टी

चुनाव आयोग ने किसी भी तरह की राजनीतिक हिंसा से बचने के लिए ये कदम उठाया है। अलावा आयोग ने राज्य के प्रधान सचिव और गृह सचिव की छुट्टी कर दी है। आयोग ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। बंगाल के ADG CID राजीव सिंह को गृह मंत्रालय भेजा गया है।

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हिंसा नहीं थमी तो बढ़ेगी सख्ती

चुनाव आयोग ने कहा कि संभवत: पहली बार ECI ने अनुच्छेद 324 को इस तरह लागू करना पड़ा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आयोग ने साफ कहा कि अगर इन सख्तियों के बाद भी राज्य में अराजकता और हिंसा की पुनरावृत्ति की होती है तो हमें अधिक कठोर कदम उठाने पड़ सकते हैं।

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विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ना बर्बरता

आयोग ने ईश्वरचंद विद्यासागर की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना को दुर्भाग्यापूर्ण बताया है। आयोग के अधिकारी ने कहा कि उम्मीद है कि राज्य प्रशासन ऐसा करने वालों का पता लगाएगी।

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