नई दिल्‍ली। लोकसभा चुनाव के बाद मोदी सरकार की सत्‍ता में वापसी के बाद गठित नई मंत्रिपरिषद की पहली बैठक आज है। इस बैठक में अगले पांच साल के रोडमैप पर चर्चा होगी। आज की बैठक में कैबिनेट मंत्रियों के साथ राज्य मंत्रियों के कामकाज पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा अगले पांच साल में सरकार के कामकाज को लेकर प्रस्‍तावित योजनाओं पर भी चर्चा संभव है।

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council of ministers

राज्यमंत्रियों की भी तय होगी जिम्‍मेदारी

प्रधानमंत्री मंत्रालयों को चलाने में राज्य मंत्रियों की भूमिका पर जोर दे सकते हैं। ऐसे में कैबिनेट मंत्रियों को अपने सहायकों को पर्याप्त जिम्मेदारियां देने के लिए कहा जा सकता है। ताकि मंत्रालयों के कार्यों की जिम्‍मेदारी के साथ उसे नियमित और सुचारू रूप से चलाना संभव हो सके।

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पांच साल का प्लान

बता दें कि मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में मंत्रिपरिषद की बैठक नियमित रूप से होती थी। अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी प्रधानमंत्री मंत्रियों को सरकार की अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं और उनके बारे में लोगों को जागरूक करने के संबंध में बताते थे। इस बैठक में पीएम मोदी महत्वपूर्ण मंत्रालयों के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकते हैं।

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पूर्ण बजट पर भी चर्चा संभव

बताया जा रहा है कि पूर्ण बजट को लेकर मंत्रालयी जरूरतों पर चर्चा हो सकती है। अगले हफ्ते शुरू हो रहे संसद सत्र के मद्देनजर इस बैठक की अहमियत बढ़ गई है। मंत्रिमंडल की पहली बैठक में मोदी सरकार ने सभी किसानों को प्रधानमंत्री-किसान योजना के दायरे में लाने के लिए उसके विस्तार को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी। आतंकी और नक्‍सली गतिविधियों में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के बच्‍चों को वजीफा देने की घोषणा की गई थी।

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सचिवों से मुलाकात

सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने निवास लोक कल्याण मार्ग पर भारत सरकार के सभी सचिवों से मुलाकात की थी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, निर्मला सीतारमण और डॉ जितेंद्र सिंह मौजूद थे। इस दौरान विभिन्न सचिवों ने प्रशासनिक निर्णय लेने, कृषि, ग्रामीण विकास और पंचायती राज, आईटी पहल, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य देखभाल, औद्योगिक नीति, आर्थिक विकास, कौशल विकास आदि विषयों पर नौकरशाहों के साथ विचार साझा किया।

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