नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) की अध्यक्षता में बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ( Prakash Javadekar ) ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली है लेकिन तीन फैसले बेहद अहम हैं। जिसके मुताबिक नए संसद सत्र के दौरान मोदी सरकार तीन तलाक पर बिल ( Triple Talaq Bill ) पेश करेगी। जम्मू कश्मीर ( jammu kashmir ) में राष्ट्रपति शासन ( president rule ) की समय सीमा बढ़ा दी गई है और जम्मू कश्मीर में आरक्षण (संशोधन) बिल, 2019 को मंजूरी दी गई है।

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अब अध्यादेश नहीं तीन तलाक पर बिल लाएगी सरकार

मोदी कैबिनेट का पहला बड़ा फैसला तीन तलाक यानि ‘तलाक ए बिद्दत’ पर पाबंदी लगाने को लेकर है। जावड़ेकर ने कहा कि सरकार ने अब तीन तलाक पर अध्यायदेश की जगह विधेयक लाने का फैसला किया है। इस विधेयक को 17वीं लोकसभा के पहले ही सत्र में पेश किया जाएगा। बता दें कि सरकार दो बार तीन तलाक पर अध्यादेश लागू कर चुकी है।

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जम्मू कश्मीर में छह महीने और बढ़ा राष्ट्रपकि शासन

जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन के विस्तार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। अब तीन जुलाई, 2019 से छह महीने के लिए जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू रहेगा। पिछले साल जून में विधानसभा को भंग होने के बाद 19 जून 2018 को राज्यपाल शासन लगा था। छह महीने की अवधि खत्म होने के बाद 20 दिसंबर में राज्य में एकबार फिर राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था, जिसके विस्तार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

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अब LoC के पास रहने वाले 3.50 लाख लोगों को भी आरक्षण का लाभ

कैबिनेट ने जम्मू कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019 को मंजूरी दी। इससे अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिलेगा। अभी राज्य में मिलने वाले 3 फीसदी अतिरिक्त आरक्षण का लाभ सिर्फ LoC से सटे गांव के लोगों को ही मिलता था लेकिन अब 435 गांव जो सीमा के पास बसे हैं उनको इसका लाभ मिलेगा। ऐसे इलाकों में रहने वाले लोग विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में सीधी भर्ती और प्रवेश में आरक्षण का लाभ उठा सकते हैं। जवाडे़कर ने बताया कि इस बिल के पास होने के बाद कश्मीर में रहने वाले 3.50 लाख लोगों को इसका सीधा लाभ होगा।