नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन ने अब सियासी रूप भी ले लिया है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि सीएम ममता बनर्जी के अहंकार के चलते पिछले चार दिन में कई मौतें हो चुकी हैं। डॉक्टरों के प्रति रवैये को लेकर भी विजयवर्गीय ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है।

 

आपको बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर सियासी रंग देने का आरोप लगाया था। अब तक बंगाल में 150 से ज्यादा डॉक्टर अपना इस्तीफा दे चुके हैं।

 

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट के जरिये ममता पर हमला बोला। कैलाश ने कहा कि ‘आप (सीएम ममता बनर्जी) खुद स्वास्थ्य मंत्री हैं कुछ तो शर्म करो, आपके अहंकार की वजह से पिछले चार दिन में कई मौतें हो चुकी हैं।’

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कई डॉक्टरों ने दी इस्तीफे की धमकी
आपको बता दें कि प्रदेश में अब तक 150 से ज्यादा डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं। सिर्फ 108 NRS मेडिकल कॉलेज से दे चुके हैं। जबकि 80 से ज्यादा डॉक्टरों ने इस्तीफे की धमकी दी है। वहीं दार्जलिंग के 27 डॉक्टरों ने भी इस्तीफा दे दिया है।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिया 7 दिन का वक्त
राज्य में डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया। कोर्ट ने प्रदेश सराकर से पूछा है कि इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य को इस पर विराम लगाना होगा और इसका हल ढूंढना होगा।

डॉक्टरों से मिलीं फिल्मकार अपर्णा सेन

उधर..बंगाल में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल से फिल्म जगत भी अछूता नहीं रहा। फिल्मकार अपर्णा सेन ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों से मुलाकात की। अपर्णा सेन ने डॉक्टर से भावुक अपील भी की। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें किसी भी मरीज की किसी बात का बुरा लगा है तो उन्हें माफ कर दें। क्या आपको लगता है कि ये बंगाल के लिए ठीक होगा कि वे लोग हमारा राज्य छोड़ दें।

 

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ डॉक्टरों के प्रदर्शन में उनके भतीजे अबेश भी शामिल हो गए। अबेश बनर्जी उन जूनियर डॉक्टरों में रहे, जिन्होंने केपीसी मेडिकल कॉलेज से एनआरएस मेडिकल कॉलेज तक विरोध प्रदर्शन किया। दरअसल अबेश भी केपीसी मेडिकल कॉलेज से पढ़ रहे हैं।

 

ये है पूरा मामला
दरअसल, बीते सोमवार को इलाज के दौरान नील रतन सिरकार मेडिकल कॉलेज (एनआरएसएमसी) में 75 साल के एक मरीज की मौत हो गई थी। उसके बाद परिजनों ने दो जूनियर डॉक्टरों की पिटाई कर दी। मरीज के परिजनों की ओर से की गई पिटाई के बाद जूनियर डॉक्टर भड़क गए। मंगलवार को इन डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया और अपनी सभी सेवाएं ठप कर दीं। हालांकि कुछ इमरजेंसी केस को डॉक्टर बिना किसी बाधा के हैंडल कर रहे हैं।

 

एक्शन की धमकी से और भड़के
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को डॉक्टरों को हड़ताल वापस लेने के लिए चार घंटे का अल्टीमेटम दिया। इस धमकी के बाद कुछ डॉक्टर तो काम पर वापस लौटे लेकिन बाद में ये आग और भड़क गई और इसका असर देश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में देखने को मिला। दिल्ली में एम्स सहित देश के कई हिस्सों के डॉक्टरों ने कार्यस्थल पर विरोध जताना शुरू कर दिया।

पंजीकरण हो सकता है रद्द

पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष निर्मल माजी के मुताबिक हड़ताली डॉक्टर अगर काम पर वापस नहीं लौटे तो उनका रजिस्ट्रेशन कैंसल हो सकता है। साथ ही उनका इंटर्नशिप पूरा होने का लेटर भी रोक दिया जाएगा।