नई दिल्ली। कर्नाटक ( Karnataka ) में पिछले कुछ दिनों से सियासी नाटक ( Karnataka political crisis ) जारी है। सत्ता पक्ष के 16 विधायकों के इस्तीफा देने से हलचल मची हुई है और मामला सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) तक पहुंच चुका है।

इसी सियासी हंगामे के बीच आज से कर्नाटक विधानसभा ( Karnataka Assembly) का सत्र शुरू होने जा रहा है। मानसून सत्र ( Monsoon Session) में भाग लेने के लिए कांग्रेस ( Congress ) और जेडीएस ( JDS ) ने विधायकों को व्हिप जारी किया है।

 

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सदन की कार्यवाही में हिस्सा में लेने के लिए विधायक विधानसभा पहुंचे चुके हैं। बीजेपी ने भी कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए अपने विधायकों को व्हिप जारी किया है।

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कर्नाटक विधानसभा का मानसून सेशन 12 जुलाई से लेकर 26 जुलाई तक चलेगा। ऐसा माना जा रहा है कि यह सत्र काफी हंगामेदार हो सकता है, क्योंकि कर्नाटक में सरकार पर खतर मंडराया हुआ है। कांग्रेस-जेडीएस ने अपने विधायकों को व्हिप जारी करते हुए हर हाल में सदन के अंदर मौजूद रहने के लिए कहा है।

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कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के चीफ गणेश हुक्केरी ने वित्त विधेयक पास कराने के लिए व्हिप जारी किया है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा में कई महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की जानी है इसलिए सभी विधायकों का उपस्थित रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गैरहाजिर विधायकों को दल-बदल कानून के तहत अयोग्य ठहराया जाएगा।

इसके अलावा अगर वोटिंग करने की नौबत आती है तो सभी विधायकों की उपस्थिति से कोई समस्या नहीं होगी और सरकार पर कोई खतरा भी नहीं होगा। क्योंकि, चर्चा यह है कि कुमारस्वामी सरकार के खिलाफ बीजेपी अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है।

गौरतलब है कि कांग्रेस-जेडीएस के 16 विधायकों के इस्तीफों से 13 महीने पुरानी गठबंधन सरकार गिरने के कगार पर पहुंच गई है।

इस्तीफा देने वाले 16 विधायकों में 13 कांग्रेस और तीन जेडीएस के शामिल हैं। हालांकि, अभी तक विधानसभा स्पीकर ने किसी विधायक का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है।

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मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है। बागी विधायकों की याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की थी। वहीं, इस मामले पर आज भी कुछ परिणाम आ सकता है।

अब देखना यह है कि विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस-जेडीएस के विधायक उपस्थित होते हैं या फिर कुछ और परिणाम होता है।