नई दिल्ली। महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ ( Maharashtra Rain & Floods ) ने तबाही मचा रखी है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ से कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। वहीं भारी नुकसान हुआ है। राज्य सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। बाढ़ पीड़ितों को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और कैबिनेट मंत्रियों ने अपना एक महीने का वेतन दान करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक सभी विधायक मुख्यमंत्री राहत कोष में एक महीने का वेतन जमा कराएंगे।

महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी नुकसान

पश्चिमी महाराष्ट्र के कई जिलों में बाढ़ से अभी तक भारी नुकसान हुआ है। कोंकण और पश्चिमी हिस्सों के कोल्हापुर और सांगली जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से जगह-जगह राहत कैंप भी लगाए गए हैं। प्रशासन ने बताया कि बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है। लोगों को राहत मिल रही है। आर्थिक मदद के लिए नुकसान का आकलन भी शुरू हो गया है। महाराष्ट्र में बाढ़ के चलते 43 लोगों की मौत हो गई है।

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मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग खोला गया

कोल्हापुर के डिप्टी कलेक्टर संजय शिंदे ने बताया कि मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-4) पर बाढ़ का पानी आ गया था। लेकिन रविवार से बाढ़ का पानी सड़क से उतरने लगा । जिसके बाद सोमवार से यह राजमार्ग आंशिक रूप से यातायात के लिए खोल दिया गया और धीमी गति से वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी गई।