नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखने का मामला एक बार फिर तूल पकड़ने लगा है। अब खत लिखने वाले 49 हस्तियों पर मामला दर्ज होने के खिलाफ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और इतिहासकार रोमिला थापर सहित 180 हस्तियों ने मोर्चा खोल दिया है। इन हस्तियों ने तीन महीने पहले पीएम मोदी को खत लिखा था।

नए सिरे से पीएम मोदी को जारी पत्र में इन हस्तियों ने सवाल किया है कि प्रधानमंत्री को खत लिखना देशद्रोह कैसे हो सकता है।

अदालतों का दुरुपयोग उत्‍पीड़न

सेलेब्‍स की ओर से जारी खत में कहा गया है कि हमारे 49 सहयोगियों के खिलाफ केवल इसलिए एफआईआर दर्ज की गई है क्योंकि उन्होंने हमारे देश में मॉब लिंचिंग पर चिंता व्यक्त कर एक सम्मानित नागरिक होने के नाते अपना कर्तव्य पूरा किया। इसके साथ ही यह सवाल भी उठाया कि क्या नागरिकों की आवाज को चुप कराने के लिए अदालतों का दुरुपयोग करना उत्पीड़न नहीं है।

हस्तियों ने उत्‍पीड़न की निंदा

लेखक अशोक वाजपेयी, जेरी पिंटो, शिक्षाविद इरा भास्कर, कवि जीत थायिल, लेखक शम्सुल इस्लाम, संगीतकार टीएम कृष्णा और फिल्म निर्माता-कार्यकर्ता सबा दीवान सहित 180 हस्तियों ने नए सिरे से खत लिखते हुए लोगों की आवाज को चुप कराने के खिलाफ बोलने पर जोर दिया।

इन हस्तियों ने खत में बताया है कि हम सभी भारतीय सांस्कृतिक समुदाय के सदस्यों के रूप में इस तरह के उत्पीड़न की निंदा करते हैं। हम अपने सहयोगियों द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र के प्रत्येक शब्द का समर्थन करते हैं और इसीलिए हम उनके पत्र को एक बार फिर यहां साझा करते हैं।

बता दें कि 49 हस्तियों ने जुलाई महीने में पीएम मोदी को खत लिखते हुए देश में मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर चिंता जाहिर की थी। इसके बाद इन हस्तियों पर देशद्रोह का आरोप लगाते हुए इनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।