नई दिल्‍ली। अभी तक की बातचीत से साफ है कि महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी के बीच मुख्यमंत्री पद के बंटवारे को लेकर सहमित बनने के आसार बहुत कम हैं। नीतिन गडकरी के आगे आने और बीचबचाव के बावजूद इस बात की संभावना ज्‍यादा है कि बीजेपी को शिवसेना का गठबंधन टूटना तय है।

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इसका मतलब यह है कि शिवसेना सहमति न बनने की स्‍थिति में शिवसेना शुक्रवार की रात या शनिवार को बीजेपी से गठबंधन तोड़ने और एनसीपी व कांग्रेस से मिलकर सरकार बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ा सकती है। अगर ऐसा होता है तो महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर शिवसेना का यह बड़ा दांव होगा।

सीएम तो शिवसेना का ही होगा
इस बीच शुक्रवार को सुबह से सेना भवन पर उद्धव ठाकरे की अगुवाई में पार्टी नेताओं की अहम बैठक जारी है। इस बैठक से पहले शिवसेना नेता गुलाबराव पाटिल ने कहा कि सीएम शिवसेना से होना चाहिए। हम उद्धव ठाकरे के आदेशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जब तक हमें बताया जाएगा तब तक होटल में रहेंगे।

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बीजेपी पर लगाया इस बात का आरोप
दूसरी तरफ शिवसेना ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि बीजेपी बातचीत का सिलसिला जारी रखना चाहती है। ताकि शनिवार तक सस्‍पेंस बरकरार रहे। ऐसा कर बीजेपी महाराष्‍ट्र में राष्ट्रपति शासन थोपने की कोशिश में है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

तो राष्ट्रपति शासन की तरफ बढ़ रहा है महाराष्ट्र!

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