पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मुकाबला करने के लिए झारखंड में विपक्षी दलों के एकजुट होने की संभावना क्षींण होती दिख रही है। झारखंड में झारखंड विकास मोर्चा के प्रमुख बाबूलाल मरांडी के अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद महागठबंधन के घटक दलों में शामिल बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) ने भी झारखंड में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है।

हम ने अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा में भी अकेले चुनाव लड़ने की बात कही है। पार्टी अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने आरोप लगाया है कि मेरे बार-बार कहने के बावजूद महागठबंधन में को-अर्डिनेशन कमेटी का गठन नहीं किया जा सका। इस वजह से गठबंधन सहयोगियों के बीच समन्वय की कमी है। ऐसे में अकेले चुनाव लड़ना बेहतर होगा।

मांझी ने शुक्रवा को महागठबंधन से अलग होने की घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी का अस्तित्व बचाने के लिए ऐसा फैसला लेना पड़ा है। उन्होंने मीडिया से बात करते हु कहा कि महागठबंधन में रहने वालों को भ्रम है कि वे हैं तभी महागठबंधन और अन्य पार्टियां हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नौ अगस्त को भी उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से राय मांगी थी और गुरुवार को पार्टी की बुलाई गई बैठक में यही राय बनी है।

हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने शुक्रवार को बताया कि अब ‘हम’ किसी भी गठबंधन की वैसाखी के सहारे चुनाव में नहीं उतरने जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने झारखंड का चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने का निर्णय लिया है। पार्टी किन सीटों पर चुनाव लड़ेगी और कौन-कौन उम्मीदवार होंगे, 10 नवम्बर तक इसकी घोषणा कर दी जाएगी।

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