पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और नोटबंदी के रूप में आम लोगों से प्राप्त हुए राजस्व को सिर्फ 15 उद्योगपतियों के बीच वितरित किया गया है। राहुल सिमडेगा जिले में एक रैली को संबोधित कर रहे थे।

मोदी नहीं समझ सकते आम आदमी का दर्द

राहुल गांधी ने कहा कि- “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आम लोगों के दर्द को समझ नहीं सकते हैं। जब नोटबंदी हुई थी तब कौन लोग कतार में खड़े थे? एक भी उद्योगपति नहीं खड़ा था। आम लोग, गरीब और आदिवासी बैंकों की कतार में खड़े थे। ‘गब्बर सिंह टैक्स’ (जीएसटी) को छोटे व्यापारियों से धन प्राप्त करने और नोटबंदी और जीएसटी से प्राप्त सभी रुपए देश के केवल 15 उद्योगपतियों के पास गए हैं, जो मोदी के दोस्त हैं।”

लोगों से जमीन छीन रही भाजपा

राहुल गांधी ने कहा कि- “नरेंद्र मोदी ने उद्योगपतियों के 3.50 लाख करोड़ रुपए के ऋण माफ कर दिए। केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार देश के लोगों से पैसा हड़प रही है और 15 लोगों की जेब भर रही है।” उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा सरकार आदिवासियों और गरीबों से जमीन छीन रही थी, लेकिन कांग्रेस ने उस जमीन को वापस कराया।

भाजपा ने केवल उद्योगपतियों का कर्ज माफ किया

राहुल ने कहा कि-“अगर हमारा गठबंधन झारखंड में सत्ता में आता है तो छत्तीसगढ़ की तरह किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा, धान का एमएसपी 2,500 रुपए प्रति कुंटल होगा।” उन्होंने कहा कि- “मोदी रोजगार और मेक इन इंडिया की बात करते हैं। वह काले धन के नाम पर नोटबंदी लाए और जीएसटी लॉन्च की। भाजपा सरकार की ओर से किसी भी किसान का कर्ज माफ नहीं किया गया है, लेकिन उद्योगपतियों का कर्ज माफ कर दिया गया है।”