नई दिल्ली। हाल ही में महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच जमकर खींचतान हुई। सीएम की कुर्सी को लेकर मामला इतना बिगड़ गया कि दोनों के रास्ते जुदा हो गए। आखिरकार, शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी सरकार गठन किया। वहीं, अब एक बार फिर दोनों साथ आ गए हैं। लेकिन, इस बार सरकार बनाने को लेकर नहीं बल्कि नागरिकता संशोधन बिल पर शिवसेना ने बीजेपी का समर्थन किया है।

दरअसल, नागरिकता संशोधन बिल यानी सीएबी पर मोदी कैबिनेट ने आज मुहर लगा दी। इस बिल का कांग्रेस समेत कई पार्टी विरोध कर रही हैं। लेकिन कांग्रेस के साथ महाराष्ट्र में सरकार बनाने वाली शिवसेना ने बिल का समर्थन किया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि हमारा रुख हमेशा घुसपैठियों के खिलाफ रहा है। मुंबई में हमने बांग्लादेशियों से सामना किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर हम हमेशा किसी भी सरकार के साथ हैं।

संजय राउत ने कहा कि हर राज्य के बिल के बारे में अलग-अलग राय है, दूसरों की राय भी लेनी चाहिए। असम में बीजेपी के मुख्यमंत्री भी इसका विरोध कर रहे हैं। मैं किसी भी धर्म के बारे में चिंतित नहीं हूं और मुझे पता है कि मुंबई में क्या हो रहा है? संजय राउत ने कहा कि हम देखेंगे कि यह बिल सदन में कब तक आएगा। हालांकि, शिवसेना के इस समर्थन पर बीजेपी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन, अटकलों का बाजार गर्म है। अब देखना यह है कि महाराष्ट्र में जिस शिवसेना और बीजेपी के बीच तेवर तल्ख थे क्या इस बिल के जरिए दोनों के संबंध मधुर होंगे?