खनिज विभाग ने 37 रेत ठेकेदारों को बुलाया भोपाल, आज मिलेगा ऑफर लेटर

भोपाल। खनिज विभाग 37 नए रेत ठेकेदारों को बुधवार को ऑफर लेटर देगा। सभी ठेकेदारों और उनके प्रतिनिधियों को को इसके लिए भोपाल बुलाया गया है। यहां विभाग के मंत्री प्रदीप जायसवाल प्रतिनिधियों वन टू वन चर्चा भी करेंगे। उनसे इस संबंध में सरकारी सहयोग के लिए भी आश्वसन देंगे। ऑफर लेटर मिलने के बाद ही ये ठेकेदार पर्यावरण अनुमति के लिए सिया में आवेदन कर सकेंगे। सरकार ने इन ठेकेदारों को रेत उत्खनन के लिए तीन साल तक का ठेका दिया है।

विभाग ने डेढ़ माह पहले जिला स्तर पर 43 कलस्टर बनाकर 1234 करोड़ रुपए की खदानें नीलाम की थी। टेंडर की प्रक्रिया ७ दिसम्बर 2019 को पूरी हुई थी, लेकिन उन्हें ऑफर लेटर जारी नहीं किया गया था। विभाग ने बुधवार को 37 कलस्टरों का ठेका हासिल करने वाले ठेकेदारों को ऑफर लेटर देने की तैयारी की है। जबकि पन्ना सहित कई खदानों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

जबकि उज्जैन, अशोकनगर और आगर-मालवा में रेत खदानों के लिए टेंडर ही नहीं डले थे। इन जिलों के लिए फिर से टेंडर बुलाए जाएंगे। बताया जाता है कि बुधवार को १२ बजे पर्यावास भवन स्थित खनिज निगम में एक कार्यक्रम किया जाएगा, जिसमें ठेकेदारों को लेटर दिए जाएंगे। विभाग सीधी, सिंगरौली और छिंदवाड़ा जिले की खदानें लेने वाले ठेकेदारों को बाद में ऑफर लेटर जारी करेगा, क्योंकि इन जिलों के टेंडर की जांच चल रही है।

15 दिन में जमा करनी होगी 50 फीसदी राशि
ऑफर लेटर मिलने के बाद १३ दिन के अंदर ठेकेदारों को आधार मूल्य की ५० फीसदी राशि जमा करनी होगी। उन्हें 30 जनवरी 2020 तक यह राशि जमा करनी होगी। ऑफर लेटर मिलने के बाद ठेकेदार बुधवार से ऑन लाइन माइनिंग प्लान और पर्यावरण मंजूरी के लिए आवेदन कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि इन खदानों से सरकार को हर साल 550 करोड़ रुपए राजस्व मिलने की उम्मीद है।

अनुमति लगेगा तीन माह का सयम
ठेकेदारों को पर्यावरण की अनुमति लेने में तीन से चार माह का समय लग सकता है। जिन खदानों की पहले से पर्यावरण की अनुमति मिली हुई हैं उन खदानों में उत्खनन किया जा सकता है। खनन से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि ठेकेदारों को माइनिंग प्लान और पर्यावरण मंजूरी लेने में तीन से चार माह का समय लगेगा। यदि मई तक मंजूरी मिल जाती है, तो जून से उत्खनन शुरू हो जाएगा और ऐसा नहीं होता है, तो खदानों में बारिश बाद ही उत्खनन हो पाएगा।