नई दिल्ली : 44 साल के क्रिकेट विश्व कप के 44 साल के इतिहास में 11 बार इसका आयोजन हो चुका है। इस लिस्‍ट में पांच बार विश्‍व कप जीत कर आस्‍ट्रेलिया सबसे आगे है, जबकि दो-दो बार जीतकर भारत और विंडीज दूसरे नंबर पर हैं। इसके अलावा एक-एक बार पाकिस्‍तान तथा श्रीलंका ने यह ट्रॉफी अपने नाम की है। 1999 के बाद से 2015 के बीच में 5 बार विश्‍व कप आयोजित हुए हैं और इस पांच में से 4 बार आस्‍ट्रेलिया जीती है। उनके इस क्रम को 2011 में भारत ने तोड़ा था। अब भारत को आस्‍ट्रेलिया से ही टी-20 और एकदिवसीय सीरीज खेलनी है, जो विश्‍व कप से पहले टीम इंडिया की आखिरी सीरीज है। इस वजह से यह काफी महत्‍वपूर्ण है। भारत के लिए यह आखिरी मौका है कि वह विश्‍व कप से पहले अपनी अंतिम 14 प्‍लेयर्स की लिस्‍ट तैयार कर ले। इस वजह से इस सीरीज में कई नियमित खिलाड़ियों को आराम दिया जा सकता है और कुछ नए और पुराने प्‍लेयर्स को आजमाया जाया जा सकता है। इसमें सबसे प्रमुख है कि रोहित शर्मा और शिखर धवन की सलामी जोड़ी को बैकअप कौन देगा। यानी तीसरे ओपनर के रूप में किसे मौका मिलेगा।

वर्कलोड कम करने पर भी होगा ध्‍यान
आस्‍ट्रेलिया दौरे के बाद आइपीएल भी होना है और उसके तुरत बाद विश्‍व कप है। इसलिए चयनकर्ता यह कतई नहीं चाहेंगे कि विश्‍व कप से पहले उनके प्‍लेयर्स वर्कलोड के कारण थके हुए हों। इसलिए कई नियमित प्‍लेयर्स को आराम दिया जा सकता है तो आराम के बाद विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह की वापसी हो सकती है।

इन्‍हें मिल सकता है आराम, ये आ सकते हैं टीम में
चयन समिति इस सीरीज में लगातार खेल रहे टीम के सीनियर खिलाड़ियों को आराम देना चाहेगी, लेकिन ऐसी टीम कतई नहीं चुनेगी कि 30 मई से शुरू हो रहे विश्‍व कप से पहले आस्ट्रेलिया को फायदा हो और सीरीज हारकर भारत का मनोबल नीचे गिरे। ऐसे मोहम्‍मद शमी और भुवनेश्‍वर कुमार को आराम मिल सकता है और खलील तथा सिराज टीम में बने रहेंगें कुछ दिन पहले दिए बयान को आधार मानें तो रवि शास्‍त्री दोनों नियमित ओपनर रोहित शर्मा और शिखर धवन को आराम दिया जाएगा और उनकी जगह मयंक अग्रवाल, पृथ्‍वी शॉ तथा अजिंक्‍य रहाणे को मौका मिल सकता है। अजिंक्‍या के शानदार फॉर्म से मुख्‍य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद भी काफी खुश हैं और वह विश्‍व कप की टीम में उनको शामिल करने से पहले एक बार जरूर इस पोजिशन पर उनको परखना चाहेंगे।