नई दिल्ली : स्पॉट फिक्सिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट केरल उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ एस श्रीसंत की अपील पर शुक्रवार को अपना फैसला सुनाएगा। 35 साल के क्रिकेटर श्रीसंत ने केरल उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस फैसले में बीसीसीआइ की ओर से उन पर लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को अदालत ने बरकरार रखा था। इससे पहले केरल उच्च न्यायालय की एक सदस्यीय पीठ ने श्रीसंत पर से आजीवन प्रतिबंध को हटा दिया था।

बीसीसीआइ ने कहा प्रतिबंध पूरी तरह सही
सुप्रीम कोर्ट में श्रीसंत की लगाई गई याचिका पर बीसीसीआइ ने कहा कि इस पूर्व भारतीय क्रिकेटर पर 2013 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में कथित संलिप्तता के लिए लगाया गया आजीवन प्रतिबंध कानूनन पूरी तरह सही है। उन्होंने मैच को प्रभावित करने का प्रयास किया था। बीसीसीआइ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पराग त्रिपाठी ने इस मामले में रिकॉर्ड की गई टेलीफोनिक बातचीत का हवाला देकर कहा था कि इससे साफ जाहिर होता है कि रकम की मांग की गई थी और शायद वह रकम श्रीसंत को मिल भी गई थी।

श्रीसंत का कहना है कि नहीं हुई स्पॉट फिक्सिंग
दूसरी तरफ श्रीसंत की तरफ से शीर्ष अदालत में उनके वकील सलमान खुर्शीद ने न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति केएम जोसफ की पीठ के सामने कहा है कि आइपीएल मैच के दौरान कोई स्पॉट फिक्सिंग नहीं हुई थी और जब फिक्सिंग ही नहीं हुई थी तो श्रीसंत के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। इन आरोपों की सबूतों के आधार पर पुष्टि नहीं की गई है।