नई दिल्ली: साल 2013 के IPL स्पॉट फिक्सिंग मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने एस श्रीसंत पर लगे आजीवन प्रतिबंध को हटा दिया है। साथ ही बीसीसीआई को ये निर्देश दिया है कि वो तीन महीने में श्रीसंत पर फैसले ले। सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला श्रीसंत के लिए राहत भरा है। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब बीसीसीआई को तय करना है कि श्रीसंत क्रिकेट खेल सकते हैं या नहीं और वो भी तीन महीने के अंदर।

– आपको बता दें कि बीसीसीआई ने श्रीसंत पर लाइफटाइम का बैन लगाया था, जिसे श्रीसंत ने केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद केरल हाईकोर्ट ने बैन को बरकरार रखा था। श्रीसंत ने केरल हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि उन पर लगे आजीवन प्रतिबंध को हटाया जाए।

– श्रीसंत की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्य वाली बेंच ने सुनवाई की है। इस बेंच में जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस के एम जोसेफ शामिल थे। इससे पहले श्रीसंत की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 28 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

 

– आपको बता दें कि 2013 में श्रीसंत का नाम आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में आया था। इसके बाद बीसीसीआई ने उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। श्रीसंत ने इस मामले को लेकर केरल हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, लेकिन हाईकोर्ट ने श्रीसंत के बैन को बरकरार रखा था। हालांकि इससे पहले केरल उच्च न्यायालय की एक सदस्यीय पीठ ने श्रीसंत पर से आजीवन प्रतिबंध को हटा दिया था। इसके बाद श्रीसंत ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

बीसीसीआइ ने कहा प्रतिबंध पूरी तरह सही

सुप्रीम कोर्ट में श्रीसंत की लगाई गई याचिका पर बीसीसीआइ ने कहा कि इस पूर्व भारतीय क्रिकेटर पर 2013 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में कथित संलिप्तता के लिए लगाया गया आजीवन प्रतिबंध कानूनन पूरी तरह सही है। उन्होंने मैच को प्रभावित करने का प्रयास किया था। बीसीसीआइ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पराग त्रिपाठी ने इस मामले में रिकॉर्ड की गई टेलीफोनिक बातचीत का हवाला देकर कहा था कि इससे साफ जाहिर होता है कि रकम की मांग की गई थी और शायद वह रकम श्रीसंत को मिल भी गई थी।

श्रीसंत का कहना है कि नहीं हुई स्पॉट फिक्सिंग

दूसरी तरफ श्रीसंत की तरफ से शीर्ष अदालत में उनके वकील सलमान खुर्शीद ने न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति केएम जोसफ की पीठ के सामने कहा है कि आइपीएल मैच के दौरान कोई स्पॉट फिक्सिंग नहीं हुई थी और जब फिक्सिंग ही नहीं हुई थी तो श्रीसंत के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। इन आरोपों की सबूतों के आधार पर पुष्टि नहीं की गई है।