नई दिल्ली। क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट्स में से आज सबसे ज्यादा टी-20 को पसंद किया जा रहा है। फटाफट क्रिकेट के नाम से मशहूर क्रिकेट के इस सबसे छोटे फॉर्मेट का पूरी दुनिया में तेजी से प्रचार-प्रसार हो रहा है।

ज्यादातर लोग यही जानते हैं कि पहला टी-20 क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच साल 2005 में खेला गया था, लेकिन ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि सचिन तो आज से 30 साल पहले ही टी-20 क्रिकेट खेल चुके हैं।

आपको शायद जानकार हैरानी होगी लेकिन यह सच है। दरअसल सचिन जब पाकिस्तान में अपने पहले दौरे पर गए थे तब टीम को टेस्ट सीरीज़ के बाद वनडे सीरीज़ भी खेलनी थी। पांच मैचों की वनडे सीरीज़ का एक भी मैच पूरे पचास ओवर का नहीं खेला जा सका। कुछ मैच बारिश के कारण प्रभावित रहे तो कुछ अन्य परिस्थितियों के कारण।

सीरीज़ का तीसरा मैच इसलिए रद्द करना क्योंकि मैच के दौरान ही भीड़ उग्र हो गई थी। इस मैच में भारतीय टीम का दबदबा था जिसने पाकिस्तानी फैंस को नाराज कर दिया। इसके बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मैच आगे खेला ही नहीं जा सका।

बहरहाल इसी सीरीज़ के पहले मैच में बारिश आ गई थी और लग रहा था कि मैच नहीं खेला जा सकेगा। चूंकि इस मैच को देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस आए हुए थे इसलिए तय किया गया कि मैच 20-20 ओवरों का कर दिया जाए। यह क्रिकेट इतिहास का संभवतः पहला टी-20 मुकाबला कहा जा सकता है।

हालांकि भारतीय टीम यह मैच हार गई थी लेकिन सचिन की पारी ने इस मैच को यादगार बना दिया था। सचिन ने उस समय ऐसी पारी खेली थी जो कल्पना के परे थी। तब सचिन ने मात्र 18 गेंदों पर 53 रन ठोक दिए थे। ये पारी आज के लिहाज से आम पारी कही जा सकती है लेकिन उस दौर में बल्लेबाज़ आम तौर पर इतनी तेजी से रन नहीं बनाते थे।