नई दिल्ली : हितों के टकराव मामले में आज बीसीसीआई लोकपाल के सामने पेश हुए पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने लोकपाल से कहा कि इस मामले में अब उन्हें कुछ और नहीं कहना है। उन्हें जो कुछ कहना था वह पहले ही बता चुके हैं। इसलिए इसलिए इस मामले में आगे और सुनवाई करने की कोई आवश्यकता नहीं है। बीसीसीआई और शिकायतकर्ता मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के संजीव गुप्ता ने भी कहा है कि इस मामले में अब आगे किसी तरह की सुनवाई की जरूरत नहीं है।

लोकपाल ने फैसला रखा सुरक्षित

बीसीसीआई वेबसाइट के अनुसार, बीसीसीआई लोकपाल डीके जैन ने अपने बयान में कहा है कि वीवीएस लक्ष्मण ने अपना लिखित बयान सौंप दिया है। इस मामले में अब रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री और आज दायर किए गए उनके लिखित बयान के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। अब उन्हें इस मामले में आगे कोई सुनवाई की जरूरत नहीं है। इस मामले में बीसीसीआई लोकपाल डीके जैन ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

20 जून को फिर होना था पेश

मालूम हो कि लक्ष्मण और तेंदुलकर ने लोकपाल डीके जैन के सामने पेश हुए थे और इन दोनों की गवाहियों को सुनने के बाद सुनवाई की अगली तिथि 20 जून तय की गई थी। इस तारीख को इन दोनों के वकीलों को पेश होना था। इन्हें सुनवाई में शामिल होने से छूट मिल गई थी। लेकिन लक्ष्मण ने स्पष्ट कर दिया है कि अपने पक्ष में उन्हें अब कुछ और नहीं कहना है।

लक्ष्मण ने कहा, आरोप सिद्ध हुआ छोड़ देंगे सीएसी की सदस्यता

बता दें कि सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण पर क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) का सदस्य होने के साथ-साथ आईपीएल की अलग-अलग फ्रेंचाइजी टीमों से जुड़कर दोहरी जिम्मेदारी निभाने का आरोप है। लेकिन लक्ष्मण ने अपने हलफनामे में स्पष्ट रूप से यह कहा है कि हितों के टकराव का कोई मामला नहीं बनता। इसके बावजूद अगर उन पर आरोप साबित होता है तो वह सीएसी की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे।